आसाराम के लिए उस दिन 14 वकीलों की फौज थी,इससे पहले नामी गिरामी जेठमलानी, सलमान खुर्शीद ,सुब्रमण्यम स्वामी और अभी सुप्रीम कोर्ट के जज बनें उदय ललित भी पैरवी कर चुके थे।

लेकिन पीड़िता के लिए शुरू से अंत तक इस केस को जोधपुर के पुनम चंद सोलंकी ने ही लड़ा पुनम चंद ने पीड़िता से बिना शुल्क लिए इस मामले को लड़ा।

जहां आसाराम के लिए लाख रुपये फीस वाले वकील फ्लाइट से ऑडी से आते थे वही पुनम चंद जी अपनी स्कूटी से कोर्ट जाते थे,देश के गरीब और शोषित वर्ग का अगर देश के कानून में आज भी यकीं हैं तो उनके पीछे पूनम चंद सोलंकी जैसे ही आम आदमी से जुड़े वकील हैं।

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