महाराष्ट्र के औरंगाबाद में दो समुदायों के बीच हुई सांप्रदायिक हिंसा के वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है,जिससे साफ़ पता चल रहा है,ये दंगा पूरी तरह सुनियोजित था जिसमे ने केवल राजनेता बल्कि पुलिस भी शामिल थी।

उपद्रव एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें क्षेत्र के शिवसेना सांसद चंद्रकांत खैरे दंगाइयों के साथ नजर आ रहे हैं। शागंज-चमन इलाके के इस दो मिनट 38 सेकेंड के वीडियो में खैरे के साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद है, साथ ही दंगाई भी

वीडियो में नजर आ रहा है कि शिवसेना सांसद दंगाइयों को नहीं रोक रहे है, वे खड़े होकर तमाशा देख रहे हैं. बता दे कि इससे पहले एक और वीडियो सामने आया था जो पुलिसकर्मियों का था जिसमे 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी दंगाइयों के साथ नजर आ रही है।

ये वीडियो उस समय का है जब दंगाई नवाबपुरा में वाहनों और दुकानों में आग रहे थे पुलिसवालों ने दंगाइयों को रोकने की कोई कोशिश नहीं की बल्कि उनके साथ खड़े दिखे ये वीडियो दंगों के समय किसी ने घर की खिड़की या बालकनी से 9 मिनट का रिकॉर्ड किया जिसमें 10 पुलिसवाले दंगाइयों का साथ देते दिख रहे हैं।

दंगाई सड़क पर खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ देते हैं और उसके बाद गाड़ियों को फूंक दिया जाता है,जिस वक्त ये सब हो रहा है उस वक्त पुलिस आस-पास ही है, लेकिन इन दंगाइयों को कोई नहीं रोकता बता दें कि इस हिंसा में दो लोगों की मौत हुई है।

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