कर्नाटक चुनाव में मुस्लिम बाहुल्य 18सीटों पर BJP ने इस बार 7 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि 2013 में उसे सिर्फ 3 सीटें मिली थी. इस लिहाज़ से भाजपा को चार सीट का फायदा हुआ.मुस्लिम बाहुल्य सीटो में कांग्रेस मजबूत रही उसे 10 सीटें मिली जबकि 2013 में उसे 12 सीटें मिली थी यानी इस बार कांग्रेस को 2 सीट का नुकसान हुआ.

मुस्लिम गढ़ में JDS इस बार सिर्फ एक ही सीट जीत पाई.जबकि 2013 में उसके खाते में 2 सीटें आई थीं,यानी इस बार JDS को भी एक सीट का नुकसान उठाना पड़ा. इसके अलावा इन सीटों पर बाकियों का तो खाता ही नहीं खुला जबकि 2013 में उनके हिस्से में भी एक सीट आई थी.कर्नाटक की इन 18 सीटों पर मुस्लिम समाज से जुड़े मतदाता अब तक असरदार साबित हुए हैं.

जानकारों के अनुसार,मुस्लिम आबादी की इन सीटो पर मुस्लिम मतों का बटवारा कांग्रेस और जेडीएस में दिखा जिसका फायदा भाजपा को मिला,यदि मुस्लिम मत एकतरफा होता फिर भाजपा के सीटो की संख्या यहाँ एक या दो में सिमट सकती थी.इस बार आल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लीमीन के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने जेडीएस के लिए चुनाव प्रचार किया था,जानकारों के अनुसार इस वज़ह से भी मुस्लिम वोटो में कंफ्यूजन हुआ.

लेकिन अधिकतर चुनावी पंडितो के अनुसार,मुस्लिम बहुलता वाले सीटो में हिन्दू धुर्वीकरण भी अधिक होता है और अल्पसंख्यक मतो में थोडा बिखराव भाजपा को जीत दिला सकता है.

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