हरियाणा/पंजाब

हिन्दू संघठनो के विरोध के चलते गुरुग्राम में कई जगहों पर नही हुई जुमे की नमाज़

हरियाणा के गुरुग्राम के वजीराबाद सेक्टर 53 के मैदान में 20 अप्रैल को जुमे की नमाज को लेकर पैदा हुआ विवाद इस हफ्ते फिर चर्चा का विषय बन गया है। पिछले हफ्ते, यानी 27 अप्रैल को सख्त सुरक्षा के बीच इस जगह पर जुमे की नमाज अदा की गई थी, लेकिन इस हफ्ते जुमा के दिन यहां ऐसा नहीं हो सका। इसके अलावा सिकन्दर पूर मेट्रो स्टेशन और अतुल कटारिया चौक सहित गुरूग्राम के अन्य 6-7 जगहों पर जुमे की नमाज नहीं पढ़ी गई। इन जगहों पर पिछले लंबे समय से मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ते आ रहे हैं।

दरअसल, कुछ हिंदू कट्टरपंथी संगठनों के जरिये गुरूग्राम के माहौल को खराब करने की कोशिश की जा रही है, जिसको देखते हुए एहतेयात के तौर पर शुक्रवार को कुछ जगहों पर जुमा की नमाज नहीं पढ़ी गई।20 अप्रैल को कुछ असामाजिक तत्वों के जय श्री राम का नारा लगाते हुए मुस्लमानों को नमाज पढ़ने से रोकने का वीडीयो वायरल होने के बाद 25 अप्रैल को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने वाले शहजाद खान ने नवजीवन से बातचीत में बताया कि गुरूग्राम का माहौल इस वक्त शांत है। उन्होंने बताया कि शहर का माहौल बिगाड़ने के मकसद से बजरंग दिल और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों से जुड़े कुछ लोगों ने गुरूग्राम के सेक्ट 53 स्थित वजीराबाद में शुक्रवार को पूजा करने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। उन्होंने कहा, इस हफ्ते सेक्टर 53 में जुमा की नमाज नहीं पढ़ी गई, ताकि हालात खराब ना हो जाएं।

इस सिलसिले में शनिवार और रविवार को इलाके को लोगों की बैठक होने वाली है, जो इलाके में शांति बहाली के लिए चर्चा करेंगे और हिंदू-मुस्लिम सभी मिलकर उपद्रवियों की हरकतों पर काबू पाने के लिए कोई फैसला लेंगे।हिंदू कट्टरपंथी संगठनों ने गुरूग्राम के लगभग 28 जगहों पर नमाज बंद कराए जाने की बात कही थी, लेकिन सिवल सोसाइटी और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद सिर्फ तीन जगहों पर जुमे की नमाज नहीं पढ़ने का फैसला लिया गया। प्रशासन का कहना है कि चूंकि ये जगह सड़क से बिलकुल सटे हुए हैं और यहां हंगामा होने की संभावना ज्यादा है, इसलिए यहां नमाज नहीं पढ़े जाने का फैसला लिया गया। वहीं बाकी जगहों पर पुलिस सुरक्षा के बीच मुस्लमानों ने जुमे की नमाज अदा की।

वजीराबाद में शांति के प्रयास कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सरफराज ने कहा कि हमारी पहली कोशिश ये है कि इलाके में अमन कायम रहे। इसको लेकर अमन और भाईचारा समितियों का गठन किया जा रहा है। मानवाधिकार कार्यकर्ता राखी सहगल ने कहा कि बजरंग दल और हिंदू वाहिनी समेत तमाम संगठन पूरी तैयारी के साथ नमाज के नाम पर इलाके में तनाव पैदा करने की तैयारी में हैं, जिसे स्थानीय अमन पसंद हिंदू और मुस्लिम लोग हर हाल में नाकाम कर देंगे।

इलाके में शांति बहाली के लिए इलाके के कौंसिलर प्रदीप जेलदार भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इलाके के सभी गांवों के हिंदू परिवारों से बातचीत चल रही है और उनसे अपील की जा रही है कि वे अपने घर के नौजवानों को इन बवाल करने वाले संगठनों के लोगों से दूर रखें, जो गुरूग्राम के माहौल को खराब करना चाहते हैं।गौरतलब है कि 20 अप्रैल को 8-10 की संख्या में असामाजिक तत्वों ने जुमे की नमाज के लिए गुरुग्राम के सेक्टर 53 में जमा हुए मुसलमानों को ये कहते हुए भगा दिया था कि वे मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ें या फिर अपने गांव चले जाएं। इस दौरान कट्टरपंथियों ने ‘जय श्री राम, राधे राधे और राम राज आएगा’ जैसे नारे भी लगाए थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
साभार-नवजीवन

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