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छत्तीसगढ़-सरकारी भ्रस्टाचार के विरूद्ध आवाज़ उठाने पर आदिवासी लड़की को 3 साल की जेल

परमेश्वरी पैकरा एक आदिवासी लड़की है,छत्तीसगढ़ में इस लड़की को साढ़े तीन साल जेल में रखा गया इसका कसूर यह था कि इसने सरकारी भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज़ उठाई थी छत्तीसगढ़ एक नया राज्य है ज्यादातर लोग आदिवासी हैं प्राकृतिक संसाधन बहुत हैं उपजाऊ ज़मीनें, नदियाँ, पहाड़, खनिज, सीधे सादे लोग,शांत माहौल

छत्तीसगढ़ में संसाधनों की प्रचुरता देख कर दूसरे प्रदेशों के व्यापारी और अमीर लोग यहाँ आकर ज़मीने खरीदने लगे और बड़े बड़े मकान बना कर यहाँ रहने भी लगे धीरे धीरे इन बाहरी लोगों ने

यहाँ के सारे व्यापार, उद्योग पर कब्ज़ा कर लिया,

धीरे धीरे इन बाहरी लोगों ने अपने पैसे के बल पर राजनीति में जगह बना ली.हालत इतने भयानक बन गए हैं कि आज छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री यूपी से एक ठाकुर है

छत्तीसगढ़ के ज्यादातर मंत्री मारवाड़ी सेठ हैं जिनमे अमर अग्रवाल,राजेश मूणत, बृजमोहन अग्रवाल आदि प्रमुख हैं

छत्तीसगढ़ में मीडिया में भी बाहरी प्रदेशों से आये हुए व्यापारी परिवारों के सदस्यों का ही वर्चस्व है

इसलिए छत्तीसगढ़ का मीडिया आदिवासियों और अन्य मूलनिवासियों के मुद्दे उठाने की बजाय बाहरी व्यापारियों के हितों के पक्ष में मीडिया में हवा बनाता है

परमेश्वरी पैकरा का सरकारी शिक्षिका के पद पर चयन हुआ

ब्लाक शिक्षा अधिकारी ने परमेश्वरी से इस निक्युक्ति के बदले रिश्वत की मांग करी

परमेश्वरी पढ़ी लिखी आदिवासी थी उसने रिश्वत की इस मांग पर ध्यान नहीं दिया शिक्षा अधिकारी ने जब ज़्यादा दबाव डाला

तो परमेश्वरी ने जाकर जिला कलेक्टर से पूरे मामले की शिकायत करी परमेश्वरी के स्कूल का प्रिन्सिपल शिक्षा अधिकारी के नीचे काम करता था

खुद को फंसता देख कर शिक्षा अधिकारी ने परमेश्वरी के स्कूल के प्रिंसिपल से बयान दिलवा दिया कि परमेश्वरी की अंकसूची फर्ज़ी है

और परमेश्वरी को ही जेल में डाल दिया

परमेश्वरी ने अदालत में पूछा कि अगर मेरी यह अंकसूची फर्ज़ी है तो इस पर प्रधानाध्यपक के हस्ताक्षर क्यों हैं ?

अगर प्रिंसिपल साहब के हस्ताक्षर फर्ज़ी मार्कशीट पर हैं तो गलती तो प्रिंसिपल की है जिसने मुझे यह मार्कशीट दी है इस प्रिंसिपल को जेल में डालो
लेकिन परमेश्वरी की पुकार किसी ने नहीं सुनी परमेश्वरी को जेल में डाल दिया गया शिक्षा अधिकारी बहुत पैसे वाला और रसूख वाला था

उसने जेल अधिकारियों को पैसे देकर परमेश्वरी पर जोर डलवाना शुरू किया

कि परमेश्वरी शिक्षा अधिकारी के खिलाफ़ दायर किया हुआ भ्रष्टाचार वाला केस वापिस ले ले

परमेश्वरी ने बात नहीं मानी तो जेल में परमेश्वरी की पिटाई शुरू हो गयी

पुलिस वाले अदालत ले जाते समय परमेश्वरी के साथ अश्लील हरकतें भी करने लगे

परमेश्वरी ने अदालत में शिकायत करी तो उसे जेल में नग्न करके घण्टों खड़ा रखा जाता था

लगभग आठ महीने तक परमेश्वरी को अदालत के सामने पेश ही नहीं किया गया।

परमेश्वरी ने फिर शिकायत करी तो उसे अलग अकेली कोठरी में डाल दिया गया

परमेश्वरी ने जब विरोध करना शुरू किया

एक दिन परमेश्वरी ने अपने साथ होने वाले दमन का ज़ोर से विरोध किया

तो पुलिस वालों ने अदालत ले जाते समय परमेश्वरी को सड़क पर बहुत बुरी तरह मारा

परमेश्वरी उसी शहर की पढ़ी लिखी लड़की थी
परमेश्वरी को सड़क पर पिटाई से अपना बहुत अपमान लगा कुछ ही दिनों बाद जब पुलिस वाले परमेश्वरी को लेकर अदालत जा रहे थे

तो परमेश्वरी पुलिस हिरासत से फरार हो गयी

एक साल तक परमेश्वरी पुलिस के डर से छिपी रही
एक साल बाद परमेश्वरी ने अदालत के सामने आकर अपने साथ होने वाले ज़ुल्मों की बात बताई

और आत्म समर्पण कर दिया परमेश्वरी को तीन साल की सज़ा सुना दी गयी

लेकिन तब तक परमेश्वरी साढ़े तीन साल जेल के भीतर काट चुकी थी परमेश्वरी को रिहा किया गया।

लेकिन तुरंत ही उसे फरार होने के मामले में पकड़ कर फिर से जेल में डाल दिया गया।

अभी परमेश्वरी उस मामले में ज़मानत पर जेल से बाहर है अब परमेश्वरी बहुत बेचैन है कि उसके द्वारा रिश्वत लेने की जो शिकायत करी गयी थी

उसकी जांच इतनी धीमी गति से क्यों करी जा रही है ?अभी भी परमेश्वरी पर पुलिस हिरासत से फरार होने का मुकदमा चल रहा है

परमेश्वरी परेशान है कि निर्दोष होते हुए भी उसे क्यों फंसाया गया ?

और फंसाने वाले अभी भी खुले आम घूम रहे हैं।

सोनी सोरी की थाने में प्रतारणा सैकड़ों महिलाओं के साथ पुलिस द्वारा सामूहिक बलात्कार करने वाले

छत्तीसगढ़ प्रदेश में न जाने कितनी ही आदिवासी महिलाओं पर सरकारी ज़ुल्मों की कहानियां चुपचाप दम तोड़ देती हैं

इन कहानियों को दुनिया शायद कभी नहीं जान पायेगी

और छत्तीसगढ़ में यह हजारों आदिवासी महिलायें

यूं ही सिसक सिसक कर इतिहास की धूल के नीचे

हमेशा के लिए दफन हो जायेंगी

खैर परमेश्वरी ने लड़ाई ना छोड़ने का फैसला किया है

परमेश्वरी ने खुद ही वकील बनने की ठानी है

अब वह ला के दूसरे साल मे है

परमेश्वरी को पढ़ाई में बहुत आर्थिक परेशानी भी होती है

परमेश्वरी उस समाज की नायिकायें हैं

जिनके बारे में हमें कभी नहीं बताया जाता

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