गुरुवार को डावोस में आयोजित इंटरव्यू के दौरान उन्होंने गुड मॉर्निंग ब्रिटेन के पियर्स मॉर्गन कहा, “अगर आप मुझे बता रहे हैं कि वे भयानक जातिवादवादी हैं, और अगर आप कहें तो मैं निश्चित रूप से माफ़ी मांगने के लिए तैयार हूँ.पिछले साल नवम्बर में ट्रम्प के रीट्वीट से ब्रिटेन में नाराज़गी फ़ैल गयी थी.

जब उन्होंने तीन मुस्लिम-विरोधी वीडियो पर रीट्वीट किया था जिन्हें जायदा फ्रांसेन, ब्रिटेन के उप-नेता, जो कि एक मुस्लिम महिला के धार्मिक रूप से बढ़ते उत्पीड़न में 2016 में दोषी ठहराया गया था.यह कोई नयी बात नहीं है जब ट्रम्प ने इस तरह का विवादित बयान दिया हो. वह इससे पहले ‘फायर एंड फ्यूरी’ किताब के लेखक को “पागल” करार दिया था.अपने ट्वीट में, ट्रम्प ने इस किताब को ‘नकली’ कहा था और कहा कि मुख्यधरा मीडिया का प्रतिबिंब था जिसकी वजह से वह चुनाव जीते.

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के द्वारा नवंबर महीने में तीन मुस्लिम विरोधी भड़काऊ वीडियो रीट्वीट किए गए थे। दरअसल, एक कट्टरपंथी ब्रिटिश समूह की ओर से ये वीडियो ट्वीट किए गए थे, जिसके बाद ट्रंप ने भी इन्हें रीट्वीट किया था। उनके इस ट्वीट में एक दावा किया गया था कि प्रवासी मुसलमान एक शख्स पर हमला कर रहा है.

उन मुस्लिम विरोधी ट्वीट्स में पहला ट्वीट ब्रिटेन के उपनेता जेडा फ्रांसेस ने किया था, जिसमें दावा किया गया था कि एक प्रवासी मुसलमान एक व्यक्ति पर हमला कर रहा है.इसी तरह के दो और वीडियो रीट्वीट किए गए थे.बता दें कि धुर दक्षिणपंथी ब्रिटिश नेशनल पार्टी (बीएनपी) के पूर्व सदस्यों ने 2011 में ब्रिटेन फर्सट की स्थापना की थी.यह संगठन सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट के लिए जाना जाता है.

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