पटना-बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मीडिया संस्थानों पर निशाना साधा है.तेजस्वी यादव ने बिहार के समाचार पत्रों से पूछा है कि आखिर उनकी क्या गलती है, जिसके कारण उनकी खबर या बयान वो नहीं छापते? तेजस्वी ने ट्विट्टर के ज़रिये बिहार सरकार पर निशाना साधा.उन्होंने कहाकि सरकार विरोधी मेरा कोई भी बयान बिहार के हिंदी अख़बारों में नहीं छापा जाता लेकिन हाँ प्रेस रिलीज़ के उस बयान की प्रतिक्रिया में बीजेपी/जदयू के बयानवीरों के बयान आधे पेज में ज़रूर छापे जाते है। बिहार में हिंदी पत्रकारिता का स्वर्णिम दौर चल रहा है।

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर पूछा- ‘बिहार की सबसे बड़ी पार्टी के 80 विधायको के नेता और नेता प्रतिपक्ष को 80 लाइन नहीं तो 80 शब्द तो बनते हैं। हमारी प्रेस रिलीज़ को खानापूर्ति कर प्रादेशिक की जगह शहर के संस्करण के किसी कोने में सीमित कर दिया जाता है। विशेषत: हिंदी अख़बारों में…गलती पत्रकारों की नहीं, मालिकों की है।’बिहार की सबसे बड़ी पार्टी के 80 विधायको के नेता और नेता प्रतिपक्ष को 80 लाइन नहीं तो 80 शब्द तो बनते हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षो से मीडिया में विपक्षी दलों के बयानों को तरजीह ना दिए जाने की परम्परा चल रही है.

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