संयुक्त राष्ट्र संघ ने बंग्लादेश से शरणार्थी रोहिंग्या मुसलमानों को जबरन म्यांमार वापस भेजने पर चिंता जतायी है.संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि बंग्लादेश से शरणार्थी रोहिंग्या मुसलमानों को जबरन म्यांमार लौटाना चिंताजनक है.

यूएनएचसीआर ने कहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार वापस भेजने के बाद उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जाए व जीवन यापन के लिए उचित परिस्थिति मुहैया की जाए.इससे पहले संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य कार्यक्रम के प्रबंधक डेविड बीज़ली ने कहा था कि रोहिंग्या मुसलमानों की म्यांमार वापसी के लिए हालात अनुकूल नहीं है और वे ऐसी मुसीबतें झेल रहे हैं जिनकी कल्पना नहीं की जा सकती.

ग़ौरतलब है कि अगस्त 2017 के आख़िर में पश्चिमी म्यांमार के राख़ीन राज्य में रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ म्यांमार सेना के दमनकारी हमले की नई लहर शुरु हुयी जिसमें 6000 से ज़्यादा लोग हताहत, 8000 घायल और लाखों मुसलमान बंग्लादेश फ़रार करने पर मजबूर हुए,संयुक्त राष्ट्र संघ ने अभी हाल में बताया कि म्यांमार की सेना इस देश के रोहिंग्या मुसलमानों का जातीय सफ़ाया करना चाहती है.

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