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लाइव: कर्नाटक राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई जारी, पढ़िए किसने क्या दी दलील

नई दिल्ली-कर्नाटक मामले में सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई चल रही है.कांग्रेस की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी अपनी दलीलें रख रहे हैं .सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई के दौरान किसने क्या कहा-

03.49 AM: जस्टिस सीकरी ने अटॉर्नी जनरल से पूछा- अगर कोई विधायक की शपथ लिए बिना दूसरे दल को सपोर्ट करना चाहे तो दलबदल कानून लागू होगा या नहीं? अटॉर्नी जनरल- शपथ से पहले लागू नहीं होगा.
03.47 AM: केके वेणुगोपाल ने कहा कि मुझे राज्यपाल की चिट्ठी के बारे में नहीं पता. मैं केंद्र की ओर से आया हूं.
03.45 AM: जस्टिस बोबडे ने एटर्नी जनरल से पूछा- क्या मंत्रिमंडल से पहले विधायकों को शपथ दिलाई जा सकती है? एजी बोले- ऐसी परंपरा नहीं है. पहले मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल शपथ लेते हैं.
03:43: मुकुल रोहतगी – रात में सुनवाई नहीं होनी चाहिए. पिछली बार फांसी के मामले में सुनवाई हुई थी. मुझे तो बस एक फोन आया और मैं यहां आ गया.3.35 AM: जस्टिस सीकरी ने सिंघवी से पूछा – आप जो बीजेपी के सरकार दावे के बारे में कह रहे हैं, हो सकता है वह सच हो पर हम कैसे कैसे मान लें?
03.33 AM: सिंघवी – आप मेरिट पर फैसला करें. देश की सबसे बड़ी अदालत के तीन जज रात के दो बजे से ये अहम मामला सुना रहे हैं. लोकतंत्र तो निश्चिंत है.
03.42 AM: कोर्ट ने बीजेपी का पक्ष रख रहे मुकुल रोहतगी से बीजेपी के समर्थन की चिट्ठी मांगी.03.21 AM: सिंघवी- शपथ ग्रहण को रोकें, इससे राज्यपाल के आदेश में हस्तक्षेप नहीं होगा.
03.18 AM: सिंघवी- अगर यह कोर्ट संविधान की धारा 356 के तहत राष्ट्रपति शासन को रोक सकता है तो राज्यपाल के आदेश को क्यों नहीं?
03.14 AM: कोर्ट ने केस की मेरिट की सवाल पर उठाए.
03.13 AM: जस्टिस सीकरी ने सिंघवी से कहा- हम इस मामले में कैसे हस्तक्षेप करें? आपके पास तो वो चिट्ठी नही है जिसमे राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है.
03.12 AM: मुकुल रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल को पार्टी नहीं बनाया जा सकता है.
03.10 AM: सिंघवी का सवाल- शपथ ग्रहण करवाने के लिए राज्यपाल की ओर से इतनी हड़बड़ी क्यों दिखाई गई?
03.03 AM: सिंघवी की दलील- राज्यपाल के विशेषधिकार भी ज्यूडिशियल रिव्यू के दायरे में आते हैं.
03.00 AM: सिंघवी- दिल्ली में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी थी लेकिन आप और कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए बुलाया गया और जम्मू-कश्मीर में एनसीपी सबसे बड़ी पार्टी थी लेकिन बीजेपी और पीडीपी ने सरकार बनाई.02.56 AM: सिंघवी–2018 में मेघालय में और गोवा में भी ऐसा ही हुआ. तब सुप्रीम कोर्ट ने उसे बरकरार रखा था. झारखंड में भी एसे ही पोस्टपोल अलायन्स हुए और सरकार बनी.
02.46 AM: जज बोबडे ने मनु सिंघवी ने कहा कि आपको धारा 361 की भी व्याख्या समझनी होगी.क्या राज्यपाल को रोका जा सकता है,ऐसे तो वैक्यूम पैदा हो जाएगा.
02.44 AM: जस्टिस बोबडे–हमारे पास क्या विकल्प हैं,क्या मौजूदा सरकार को ही जारी रखा जाए,क्योंकि वैक्यूम तो नहीं छोड़ा जा सकता.
02.41 AM: जस्टिस सीकरी-हमें यह भी देखना होगा कि बीजेपी दावे के मुताबिक बहुमत साबित कर पाती है या नहीं.
02.39 AM: सिंघवी ने कहा–येदियुरप्पा ने 7 दिन मांगे थे और राज्यपाल ने 15 दिन दे दिए.
02.37 AM: कोर्ट ने कहा-सरकारिया रिपोर्ट में भी बहुमत वाली एकल पार्टी को बुलाने की बात है.
02.35 AM: ऐसा पहली बार देखा कि किसी दल को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाए-सिंघवी.
02.34 AM: सिंघवी बोले कि राज्यपाल के पास कोई विकल्प नहीं,सबसे बड़े गठबंधन या दल को बुलाना होगा.
02.32 AM: सिंघवी ने कहा कि गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन चुनाव पश्चात हुए गठबंधन के बाद बीजेपी को सरकार बनाने का मौका मिला.
02.25 AM: सिंघवी बोले- 2017 में गोवा में सरकार बनाने के बीजेपी के कदम को सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया था.
02.23 AM: सिंघवी बोले- स्पष्ट बहुमत न होने की स्थिति में सरकारिया आयोग और रामेश्वर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के फैसले में भी पहले बहुमत वाले दल को प्राथमिकता दे. ऐसा न हो तो चुनाव पूर्व गठबंधन या चुनाव पश्चात गठबंधन को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए.
02.18 AM: अभिषेक मनु सिंघवी बोले- जेडीएस ने बहुमत के सबूत के साथ सरकार बनाने का दावा भी कर दिया था.
02.17 AM: अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा- बीजेपी कैसे साबित करेगी बहुमत?
02.14 AM: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी.अभिषेक मनु सिंघवी बोले- हमारे पास 117, बीजेपी के पास केवल 104 MLA.

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