लखनऊ-विवेक तिवारी हत्याकांड में सबसे पहले आवाज़ AIMIM की तरफ से उठी AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता सय्यद असीम वकार विवेक तिवारी के घर पहुँचने वाले पहले नेता थे अपने बयान में उन्होंने कहा कि अलीगढ़ फ़र्ज़ी मुठभेढ़ हो या गाज़ियाबाद लिंचिंग या लखनऊ विवेक तिवारी की पुलिस द्वारा किया गया काण्ड का हम इसका पुरज़ोर विरोध करते हैं.

उन्होंने कहाकि यहां हत्या किसी जाति विशेष की नही हुई है यहां हत्या इंसानियत की हुई है और जहां इंसानियत का क़त्ल किया जाएगा हम पूरी ताकत से इसका विरोध करेंगे उन्होंने प्रदेश की सरकार से मृतक की पत्नी को सरकारी नोकरी बच्चों की पढ़ाई का खर्च और 1 करोड़ रुपए आर्थिक सहायता की मांग की और परिवार को आश्वासन देते हुए कहा कि आने वाले विधान सभा सत्र में AIMIM इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाएगा AIMIM के सदर असदुद्दीन ओवैसी अक्सर इन मुद्दों को उठाते रहे हैं।

दूसरी तरफ अपने आपको अल्पसंख्यकों के मसीहा कहने वाली श्री मायावती हों या अखिलेश यादव अलीगढ़ फ़र्ज़ी मुठभेड़ पर चुप थे जबकि विवेक तिवारी हत्याकांड पर दोनो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की अलीगढ़ मुठभेड़ पर इनकी चुप्पी और दोहरे मापदंड को इनके अपने कार्यकर्ताओं ने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिस वोटबैंक के लिए अखिलेश मायावती सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति कर रहें हैं वो कभी इनको नही मिल सकता और कहीं ऐसा न हो कि इनके अपने वोटबैंक दलित,मुस्लिम,यादव ही इनसे दूरी बना लें।

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