केरल कथित लव जिहाद मामले के बाद अब उत्तराखंड के कथित लव जिहाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू कर दी है.सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से लड़की को बृहस्पतिवार के दिन अगली सुनवाई पर अदालत के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं.इस मामले में मुस्लिम लड़के ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर लड़की को पेश करने की गुहार लगाई है.

हिंदू लड़की का कथित तौर पर धर्म परिवर्तित कर मुस्लिम युवक से शादी करने के इस मामले में आरोपी लड़का फिलहाल जेल में है और लड़की अपने पिता के पास है.उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी मोहम्मद दानिश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके कहा है कि वह काठगोदाम की रहने वाली लड़की से प्यार करता है.दोनों का रजामंदी से निकाह हुआ है लेकिन लड़की के पिता ने अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया, जिसके बाद उसे और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया गया है.

याचिका में यह भी कहा गया है कि लड़की को उसकी मर्जी के बगैर उसके पिता के पास भेज दिया गया है.दानिश ने याचिका में कहा है कि उसे पत्नी के साथ रहने का अधिकार है.उसने गुहार लगाई है कि पत्नी को उसके पिता की हिरासत से निकालकर उसके पास रखने की इजाजत दी जाए.वहीं उत्तराखंड सरकार की ओर से पेश हुए डिप्टी एडवोकेट जनरल मनोज गोरकेला ने पीठ के समक्ष कहा कि आरोपी ने 18 अप्रैल को युवती का अपहरण किया और अगले दिन गाजियाबाद में फर्जी तरीके से युवती का धर्मांतरण कर उसके साथ शादी कर ली.उनका कहना था निकाहनामा फर्जी है और धर्म परिवर्तन से संबंधित दस्तावेज भी फर्जी हैं.बहरहाल पीठ ने कहा कि पहले वह लड़की से बातचीत करना चाहती है.

आज हुई सुनवाई में उत्तराखंड सरकार और श्वेता के पिता के वकील भी मौजूद थे.उत्तराखंड सरकार के वकील ने दानिश के दावे को झूठा बताया. उन्होंने कहा कि जिस मस्ज़िद में निकाह की बात कही जा रही है,उसके काज़ी ने 18 मार्च को वहां किसी निकाह से इनकार किया है.सुनवाई के दौरान लड़की के पिता ने शादी के दावे को झूठा बताया. कहा- “लड़का ड्राइवर है. उसकी पहले भी शादी हो चुकी है. कोई लड़की दूसरी बीवी क्यों बनना चाहेगी?” कोर्ट ने उन्हें चुप कराते हुए कहा- “लड़की क्या चाहती है, ये हम पता कर लेंगे”

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