2018 के फ़ुटबाल वर्ल्ड कप में बड़ी बड़ी टीमें बाहर हो गयीं और फाइनल में जो दो टीमें आमने सामने होंगी वो हैं फ़्रांस और क्रोएशिया. हालाँकि फ़्रांस की टीम को मज़बूत माना जा रहा था लेकिन स्पेन और अर्जेंटीना जैसी टीमों के जल्दी बाहर हो गयीं. 15 जुलाई को प्रतियोगिता का फाइनल खेला जाना है. विश्व के सबसे पोपुलर स्पोर्ट्स के इस इवेंट के लिए विशेष तैयारियां की गयी हैं.


रूस में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट के फाइनल में जब फ़्रांस और क्रोएशिया आमने सामने होंगे तो उसमें एक और ख़ास बात होगी.वो ये कि इसमें 7 मुस्लिम खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे होंगे.असल में फ़्रांस की टीम में 7 मुस्लिम खिलाड़ी हैं.आदिल रामी, डीजेब्रिल सिडीबे, बेंजामिन मेन्डी,पॉल पोगबा, एनगोलो कोंटे,नाबिल फेकीर और ओसमैन डेम्बेले, ऐसे खिलाड़ी हैं जो इस्लाम धर्म से ताल्लुक रखते हैं.इसमें से सबसे मशहूर पाल पोगबा हैं. जानकारों के मुताबिक़ पाल पोगबा और उनके जैसे कुछ खिलाड़ियों का रोल इस मैच में अहम् होगा.


विशेषग्य मानते हैं कि इस मैच में फ़्रांस की स्थिति मज़बूत है. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि फ़्रांस इस मुकाबले को जीत लेगा.इसके पहले सन 1998 में फ़्रांस ने विश्व कप जीता है.फ़्रांस ने 2006 के फाइनल तक का सफ़र भी किया था.इन दोनों ही टूर्नामेंट में ज़िनेदिन ज़िदाने ने शानदार खेल दिखाया था.


जानकार मानते हैं कि फ़्रांस के खेल में अहम् बदलाव ज़िदाने के आने के बाद से ही शुरू हुआ, अब हालाँकि वो रिटायर हो चुके हैं लेकिन वो टीम को जीतना सिखा गए हैं. क्रोएशिया इसके पहले कभी विश्व कप फाइनल में नहीं पहुंचा है.

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