मुंबई-भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जहाँ एनडीए के कुनबे को मजबूत करने की कोशिश में शिवसेना अध्यक्ष उद्दव ठाकरे से मिले थे उससे उम्मीद थी कि दोनों सहयोगी के बीच मतभेद खत्म हो जायेंगे.लेकिन दोनों पार्टियों के अध्यक्ष के बीच मीटिंग के बाद एनडीए में फूट और गहरी हो गयी है इसके पीछे शिवसेना द्वारा रखी गयी मांग को बताया जा रहा है.

शिवसेना क्या चाहती है..सूत्रों के मुताबिक,शिवसेना ने भाजपा के सामने शर्त रखी है कि पीएम तुम्हारा होगा लेकिन सीएम हमारा होगा,इस पर अमित शाह ने लोकसभा चुनाव बाद विचार करने पर कहा था लेकिन शिवसेना ने इसके बाद अमित शाह को कह दिया कि लोकसभा के साथ ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव हो.ये सुनकर अमित शाह ने कुछ नही लेकिन विचार करने का आश्वासन दिया.शिवसेना ने भाजपा के सामने विधानसभा की 288 सीटों में से कुल 152 सीटें मांगी हैं और बाकी बची 136 सीटें भाजपा को देने की बात कही है.


शिवसेना ने अमित शाह को बताया ड्रामेबाज़-शिव सेना के प्रवक्ता संजय राउत कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी शिवसेना अकेले चुनाव लड़ेगी.बीजेपी अध्यक्ष की मुलाकात को बी राउत ने राजनीतिक ड्रामा करार दिया था.शिवसेना के एक नेता ने टीओआई को बताया कि पार्टी लोकसभा और विधान सभा दोनों पर एकसाथ समझौता करना चाहती है क्योंकि अगर केंद्र में शिवसेना के समर्थन से एक बार बीजेपी की सरकार बन गई तो शिव सेना विधान सभा चुनाव में अकेले लड़कर भी सत्ता हासिल नहीं कर पाएगी. दरअसल, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे राज्य में अब अपनी पार्टी का सीएम चेहरा देखना चाहते हैं.


भाजपा अकेले लड़ सकती है चुनाव-भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी 130 से ज्यादा असेंबली सीटें शिवसेना को नहीं दे सकती है,अमित शाह ने भी महाराष्ट्र में पार्टी पदाधिकारियों,सांसदों और विधायकों से अकेले चुनाव लड़ने की स्थिति में रणनीति बनाने को कहा है.हलाकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पीएम मोदी से मिलकर महाराष्ट्र के बारे में अंतिम फैसला लेंगे.महाराष्ट्र के अलावा बिहार में भी एनडीए पार्टनर के बीच सीटो को लेकर समझौता नही हो पा रहा है.

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