दिल्ली

मीडिया से नाराज़ हुए अंकित के पिता..”हत्या पर किसी धर्म के खिलाफ नफ़रत ना फैलाए”

नई दिल्ली-राजधानी के ख्याला इलाके में अंकित सक्सेना की हत्या के बाद लोगो में इस घटना के प्रति कड़ी प्रतिक्रिया हुई है और दिल्ली में तनाव है,वहीं अंकित पिता यशपाल ने बेटे की मौत पर कहा है कि घटना पर माहौल बिगाड़ने वाली राजनीति न करें.अंकित के पिता यशपाल ने घर आए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से कहा कि उन्हें इंसाफ चाहिए और वो किसी धर्म से उन्हें नफरत नहीं है.

अंकित के परिवार का कहना है कि मीडिया वाले यहाँ आते है और फिर ना जाने कैसी कैसे खबरे अपने आप बना लेते है कोई किसी मोहमडन को पीछे से चाक़ू मारते हुए ग्राफ में दिखा रहा है कोई कह रहा है लड़की की माँ ने धोखे से बुलाया,ये सब बिजनैसमैंन है.हमें इन्साफ चाहिए ना किसी का पैसा चाहिए और ना ही किसी धर्म से नफरत है.अगर कोई जुड़ना चाहता है तो सच्चे मन से जुड़े.

अंकित के परिवार ने कहाकि अगर कोई किसी मकसद से जुड़ना चाहता है फिर उनके परिवार को मदद नही चाहिए.अंकित की माँ और पिता ने भी शांति की अपील की.दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए यशपाल ने कहा कि उन्होंने किसी समुदाय को चिह्नित करके आरोप नहीं लगाए हैं. हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा है कि उनका बेटा किसी भी धर्म या जाति की लड़की से शादी करने की इच्छा जाहिर करता तो वह उसके लिए हमेशा तैयार थे.

बता दे दिल्ली में 23 वर्षीय अंकित को एक मुस्लिम लड़की से प्रेम था दोनों 22 मार्च को शादी करने वाले थे इसी से गुस्साए लड़की के घरवालो ने अंकित की गला रेत कर हत्या कर दी.मौके पर अंकित की मां भी मौजूद थीं, जो अपने बेटे को बचाने की कोशिश कर रही थीं.अंकित सक्सेना के पिता यशपाल हार्ट पेशंट और मां को शुगर की बीमारी है.अंकित की मां कमलेश बेटे के गम में बार-बार बेहोश हो रही हैं.

अंकित के मामा ने कहा कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है,इंसाफ जरूर मिलेगा.उन्होंने कहा कि हत्या के दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि परिवार को उस लड़की के साथ इस हद तक फ्रेंडशिप की जानकारी नहीं थी. दोनों परिवार एक-दूसरे को जानते थे.उन्होंने कहा कि पहले पड़ोस में ही रहते थे, इसलिए जान-पहचान हो गई.15 साल पहले अंकित के पिता की टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान थी. हार्ट की बीमारी होने के बाद वह दुकान बंदकर घर में ही रहने लगे. इसके बाद परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी अंकित के कंधों पर ही थी.

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