नई दिल्ली…फ़िलहाल बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां ज़ोरों पर हैं। जहाँ एक ओर जदयू और भाजपा आपसी बहस में उलझे हैं कि किसको कितनी सीटें मिलें वहीं NDA का एक और घटक दल इस उलझन में है कि उसे कितनी सीटें मिलने वाली हैं। हम बात कर रहे हैं राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी की। RLSP बिहार के कुछ इलाक़ों में मज़बूत है लेकिन RLSP ने जो बयान दिया है उसके बाद भाजपा और जदयू दोनों ही कैम्प में उलझन बढ़नी चाहिए।


RLSP के उपाध्यक्ष दासी चौधरी ने एक चैनल से बात करते हुए कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग मामले को सुलझा लेना चाहिए.उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को कम से कम 7 सीटें तो चाहिए हीं.उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी पहले से ही बहुत मज़बूत है. ऐसे में इतनी सीटें तो उनके दल को मिलनी ही चाहियें.


चौधरी ने कहा,”RLSP की ताकत बढ़ी है, कई बड़े चेहरे पार्टी से जुड़ चुके हैं।’ उन्होंने बगावती लहजे में कहा कि अगर सीट बंटवारे के वक्त RLSP को सात सीटें नहीं मिली तो दूसरे विकल्प भी खुले हैं।”उनके इस बयान के बाद जहां सत्ता पक्ष के नेताओं की दिक्क़तें बढ़ गयी हैं वहीं उनके लहजे से साफ़ है कि वो विपक्ष के दल से भी बात करने से चूकेंगे नहीं.


वैसे अंदरूनी रिपोर्ट्स के मुताबिक़ RLSP लगातार राजद और कांग्रेस के संपर्क में है. ऐसे में वो देख रही है कि उसे किस गठबंधन की ओर से बेहतर ऑफर मिलने वाला है. हाल ही में नीतीश कुमार और अमित शाह ने भी मुलाक़ात की है. ऐसा समझा जा रहा है कि इस मुलाक़ात में भी सीटों के बंटवारे को लेकर ही बात हुई है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here