औरंगाबाद…एक दौर था कि राजनीति में लोग ज़ुबानी हमले करते थे और हिंसा से बचते थे लेकिन आज दौर अलग है, मुंह बाद में चलता है हाथ पहले चल जाता है। आजकल के इस दौर में गुंडे भी नेता बन गए हैं जिन्हें राजनीति की समझ नहीं है बल्कि बस हाथ पांव चलाने और गुंडागर्दी की ही समझ है।


कुछ ऐसा मामला सामने आया है औरंगाबाद में जहाँ पार्षद सैयद मतीन को हिंसा झेलनी पड़ी है। आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन के नेता मतीन को भाजपा पार्षदों ने पीटा। इसके बाद फ़ेसबुक पर है चर्चा शुरू हो गयी है कि क्या भाजपा के लोग देश को लिंचिस्तान की तरफ़ ले जाने की कोशिश में हैं।

क्या है मामला?
असल में भाजपा के पार्षद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लिए श्रद्धांजलि प्रस्ताव लाना चाहते थे।इस प्रस्ताव का आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन के पार्षद ने विरोध किया जिसके बाद मतीन को बेरहमी से पीट दिया। पुलिस ने बीच में आकर किसी तरह से मतीन की जान बचाई। मतीन इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे। उनके विरोध पर नगरसेवक राज वानखेड़े, दिलीप थोरात, प्रमोद राठोड, माधुरी अवधांत, रामेश्वर भारदेव, उप महापौर विजय ऑटडे ने मतीन पर हमला किया। उन्होंने उन्हें गंभीर रूप से घायल किया। बाद में उन्हें हॉल से बाहर भेज दिया गया। सैय्यद मतीन के स्थायी निलंबन की मांग की गई थी।

स्वामी अग्निवेश पर भी हमला

आपको बता दें कि स्वामी अग्निवेश को भी आज हिंसा का सामना करना पड़ा। वो वाजपयी को श्रद्धांजलि देने दिल्ली भाजपा कार्यालय पहुंचे थे लेकिन वहां उन्हें हिंसा का सामना करना पड़ा।

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