नई दिल्ली-पश्चिम बंगाल में भाजपा अपनी सत्ता पर पकड मजबूत करने के लिए अलग अलग प्रयोग कर रही है,पहले सुभाष चन्द्र बोस के परिवार को जोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ा,उसके बाद हिन्दू धुर्वीकरण की राजनीति जिस पर भी भाजापा को तुरंत कोई सफलता नही मिली लेकिन अब भाजपा मुस्लिम सम्मलेन के ज़रिये अल्पसंख्यको में अपने को मजबूत करने की कोशिश कर रही है.

भाजपा ने अल्पसंख्यको में अपने को मजबूत करने के लिए कोल्कता के मोहम्मद अली पार्क में एक सम्मलेन किया,इस सम्मलेन में बड़ी संख्या में मुस्लिमो के जुड़ने की उम्मीद थी.लेकिन आलम ये रहा कि भाजपा के सम्मेलन की अधिकतर कुर्सिया खाली रही,पूरी रैली दो सौ से तीन सौ लोग ही जुट सके.इस रैली में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्‍दुल राशिद अंसारी के साथ पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और वरिष्‍ठ नेता मुकुल रॉय भी मौजूद थे.

बता दे पश्चिमी बंगाल में मुस्लिम जनसख्या 29 प्रतिशत है,अब तक ये समुदाय पहले वामपंथ का अब तृणमूल कांग्रेस के साथ जुड़ा है,भाजपा की कोशिश है कि राज्य की मुस्लिम आबादी में सेंध मार कर पार्टी को मजबूत किया जाए.भाजपा को उम्मीद थी कि तीन तलाक पर बिल बनाने की कोशिशो से पार्टी के प्रति मुस्लिम महिलाओ का रुझान आएगा,लेकिन रैली का हश्र देखकर समझा जा सकता है कि तीन तलाक के बिल से भाजपा को कम से कम मुस्लिम वोट तो मिलते हुए नही दिखाई दे रहे है.

पश्चिम बंगाल में सत्‍तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि मुसलमान कभी भी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे, क्योंकि उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री का एकमात्र एजेंडा देश को धार्मिक और जाति के आधार पर बांटना है।

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