अहमदाबाद-गुजरात में भाजपा ने सरकार बना ली है लेकिन भाजपा को इस बार विधानसभा में मामूली बहुमत मिला है,इस बार भाजपा और कांग्रेस में करीबी मुकाबला हुआ है,राज्य के करीब 20 विधानसभा क्षेत्रो में हार-जीत का फैसला तीन हज़ार वोटों से भी कम का रहा था. करीबी मुकाबले में 16 सीटों पर बीजेपी और 4 सीटों पर कांग्रेस विजयी रही थी.

अब इसको लेकर अहमदाबाद हाईकोर्ट में कई याचिका दायर की गयी है,याचिका में पांच हज़ार मतो से भी कम के अंतर् से हार जीत हुई इन 20 सीटों पर फिर से मतगणना कराये जाने की मांग की गयी है.लेकिन एक और याचिका में चुनाव ही रद्द करने की मांग की गयी है.याचिकाकर्ताओं ने इन सीटों पर चुनाव परिणामों को रद्द किये जाने की और फिर से चुनाव कराये जाने की गुज़ारिश की गयी है.जिन 20 सीटों पर रीकाउंटिंग या चुनाव रद्द करने की मांग की गयी है उनमे 16 सीटें ऐसी हैं जहाँ हार जीत का अंतर दो हज़ार से भी कम वोटों से हुई है.

जिन 20 विधानसभा सीटों पर रीकाउंटिंग की मांग की गयी है उनमे जमालपुर-खादिया,पाटन,गांधीनगर (एन),बोताद,धोल्का,हिम्मतनगर,वरछा रोड, लिंबायत,गरियाधर,गोधरा,दानिलीम्दासंतरामपुर,मांडवी,पोरबंदर,वागरा,मर्तार,डभोई,कामरेज और देवभूमि द्वारका शामिल हैं.एक्सपर्ट के अनुसार, यदि इन सभी 20 सीटों पर रीकाउंटिंग की अनुमति मिलती है तो कोई आश्चर्य नही उलटफेर हो जाए.गौरतलब है कि कुछ सीटो पर जीत हार का अंतर एक हजार से भी कम का रहा है.गोधरा सीट पर तो भाजपा उम्मीदवार सीके राउलजी मात्र 250 वोट के अंतर से चुनाव जीते हैं.इस मामले में प्रमुख याचिकाकर्ता पूर्व आईपीएस अधिकारी राहुल शर्मा हैं.

इस बार गुजरात विधानसभा में भाजपा को 98 सीट मिली है वही कांग्रेस और उसके सहयोगियों को 82 सीटो पर सफलता मिली है,कांग्रेस को गुजरात विधानसभा में इतनी बड़ी सफलता करीब 28 साल बाद मिली है.

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