आज के युग मे हर किसी के पास मोटरसाइकिल और कार मौजूद है।बिना इन मोटर वाहनों के आज के समय मे काम करना बड़ा ही दुखदायी होता है और किसी कार्य करने और आने जाने के लिए बहुत समय बर्बाद होता है।नियमो के अनुसार अगर कोई वाहन को चलाता है तो उसके लिए उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी की आरसी पेपर होना अनिवार्य है।

किसी भी इंसान को वाहन चलाते समय इन दोनों चीजो को अपने पास रखना अनिवार्य है ताकि किसी भी समय पर पुलिस और ट्रैफिक कर्मचारीयों के मांगने पर उसे दिखाया जा सके।आम तौर पर ये देखा जाता है कि गाड़ी के पेपर और आरसी को साथ मे ले कर चलना बड़ा मुश्किल होता है और ट्रैफिक कर्मचारियोँ को पेपर को जांचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

सांकेतिक

सरकार ने इन्ही असुविधाओं को देखते हुए आरसी पेपर और डीएल में काफी बदलाव करने का निर्णय लिया है।वाहन चालकों को अब आरसी की जगह पर एक कार्ड दिया जाएगा जिसमे एक चिप लगा होगा।समस्त प्रकार की जानकारी चिप के माध्यम से बड़ी आसानी से निकली जा सकती है आम तौर हम पर एटीएम कार्ड को देखते है ठीक वैसे ही।

जिस प्रकार से एटीएम कार्ड में लगें माइक्रोचिप के माध्यम से एटीएम मशीन खाताधारक की सारी जानकारी पल भर में निकाल कर पैसे निकाल देती है ठीक उसी प्रकार से अब आरसी और डीएल भी कार्य करेंगे।इस डिजिटल कार्ड पर लगे माइक्रोचिप और क्यूआर कोड के द्वारा चालक और वाहन की समस्त जानकारी को आसानी से जांच जा सकता है।

प्रदूषण नियंत्रण में सहूलियत के लिए भी गाड़ी के इमिशन की सारी जानकारी आरसी कार्ड पर मिलेगा।सरकार इस कार्य को साल 2019 के जुलाई माह से आरंभ कर सकती है।इस कार्ड के द्वारा वाहन चालक को काफी आसानी होने वाली है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भारत मे प्रत्येक दिन 32000 नए डीएल या तो बनते है या रिन्यू किये जाते है तथा 43000 गाड़ियों के आरसी रजिस्टर्ड किये जाते है या इसमे फेर बदल कर रेरेगिस्टर्ड किया जाता है।

पहले आरसी पेपर रजिस्टर्ड करवाने या डीएल बनवाने में काफी समय और पैसा भी वाहन चालकों को देने होते थे लेकिन इस प्रक्रिया के द्वारा मात्र 15-20 रुपये के शुल्क पर सारा काम हो जायेगा और डीएल आरसी मिल जाएगा।

इस चिप के संचालित करने के लिए तथा इसकी जांच के लिए ट्रैफिक कर्मचारियोँ को एक मशीन भी दी जाएगी जिसमें इस कार्ड के क्यूआर कोड और चिप के द्वारा सारी जानकारी आसानी से प्राप्त हो जाएगी।

टेक्नोलॉजी के इस युग मे भारत सरकार जिस प्रकार से समस्त कार्यो को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने की प्रक्रिया कर रही है उससे कई आसानियां भी होती जा रही है।इस कार्य से समय की बचत और तत्काल सूचना प्राप्त होने पर कार्य बड़ी सुगमता और पारदर्शिता के साथ सम्पूर्ण होने की संभावना भी बनती नजर आ रही है।जुलाई 2019 से सभी को इस नए आरसी और डीएल दिए जाने की संभावना है।

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