नई दिल्ली-कांग्रेस औद भाजपा दोनों ही लोकसभा चुनाव से पहले होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर रणनीति बनाने में व्यस्त हैं.दोनों ही दल क्षेत्रीय दलों को अपने साथ करना चाहते हैं. इसके अतिरिक्त कांग्रेस की कोशिश है कि बहुजन समाज पार्टी भी उसके साथ आ जाए.


सूत्रों की माने तो बसपा प्रमुख मायावती भी यही चाहती हैं लेकिन राज्य के नेता कुछ आनाकानी कर रहे हैं. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में कांग्रेस चाहती है कि बसपा के साथ गठबंधन हो जाए.खबरों के अनुसार,चार राज्यों में कांग्रेस हाईकमान बसपा से गठबंधन चाहता है.


मध्य प्रदेश में तो बातचीत ठीक से जारी है लेकिन राजस्थान में दोनों ही दलों के नेता कह रहे हैं कि वे अकेले चुनाव लड़ेंगे. सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष राज्यों के प्रभारियों से बात कर रहे हैं कि सीट शेयरिंग का क्या फार्मूला हो.देखा जाए तो तीनों ही राज्य में भाजपा और कांग्रेस का सीधा मुक़ाबला है लेकिन बसपा इन तीनों राज्यों में ठीक ठाक वोट रखती है. राजस्थान में बसपा ने 195 सीटों पर अपना उमीदवार उतारा था और उसे 3.4 फीसदी वोट मिले थे. ऐसे में बसपा अगर कांग्रेस के साथ आ जाती है तो कांग्रेस को कई सीटों पर फ़ायदा हो सकता है.


एक और जहां इस बात की चर्चा है कि कांग्रेस और बसपा मिलकर चुनाव में आयेंगे वहीं राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ने में सक्षम है. सचिन ने कहा कि कांग्रेस हर सीट पर अपना उमीदवार उतारेगी. उन्होंने कहा कि राजस्थान में क्षेत्रीय पार्टियाँ बहुत मज़बूत नहीं हैं लेकिन गठबंधन की स्थिति अगर बनेगी तो किया जाएगा.

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