नई दिल्ली...इस साल के अंत में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में चर्चाएं तेज़ हैं कि इस चुनाव में कौन बाज़ी मारेगा। इस बार टक्कर भाजपा और कांग्रेस के बीच है लेकिन ऐसा लगता है कि कांग्रेस का पलड़ा भारी है। कांग्रेस ने पिछले कई उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि हम आज बात करने जा रहे हैं राजस्थान की लोकसभा सीटों की।इसके अलावा पार्टी ने एक इंटरनल सर्वे करवाया है जिसमे कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में 18 सीट मिलने की बात कही गयी है।


राजस्थान में लोकसभा की कुल 25 सीटें हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां भाजपा ने यहां सारी सीटें जीत ली थीं और कांग्रेस ने एक भी सीट नहीं जीती थी। कांग्रेस के लिए ये बड़ा झटका था।लेकिन इस बार हालात उलट है,भाजपा को भी जो फीडबैक मिले है वो नकारत्मक है इसलिए अमित शाह ने अपनी पूरी ताकत लगा दी।पत्रिका की खबर के अनुसार,अमित शाह ने राज्य नेताओ को कई निर्देश दिए थे लेकिन इसके बाद भी राज्य के भाजपा नेताओ ने अमित शाह को तवज्जो देने के बजाय सीएम वसुंधरा राजे को ही तरजीह दी।गौरतलब है कि राजस्थान में वसुंधरा चाहती है भाजपा पर उनका पूरा कण्ट्रोल रहे इसलिए वो केन्द्रीय नेताओ का अधिक दखल नही चाहती है।


राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में कांग्रेस का जिस तरह सफ़ाया हुआ ये पार्टी के लिए बड़ा झटका था। इस बार के लोकसभा चुनाव में लेकिन कांग्रेस की स्थिति पहले से काफी बेहतर है।


राजस्थान की बात करें तो क्षेत्रीय जानकार मान रहे हैं कि यहां कांग्रेस की हवा है। जानकार मानते हैं कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव तो जीतेगी ही, लोकसभा में भी जबरदस्त प्रदर्शन करेगी। कुछ जानकार मानते हैं कि कांग्रेस यहां 20 से भी अधिक सीटें जीत सकती है। वहीं कुछ मान रहे हैं कि भाजपा 10 तो जीत ही लेगी। सचिन पायलट की अध्यक्षता में राजस्थान कांग्रेस ने ज़मीन पर काम किया है।एक समय जहां पार्टी से लोग छोड़कर जाना चाहते थे, अब लोग दौड़ दौड़ कर पार्टी में शामिल हो रहे हैं। ये अपने आप में पार्टी के लिए ख़ुशख़बरी है।

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