नई दिल्ली…मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने रणनीति बना ली है.कांग्रेस लगातार इस कोशिश में है कि किसी तरह वो बसपा और सपा से गठबंधन कर ले. मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और सांसद कमलनाथ ने एक चैनल से बात करते हुए कहा है कि बसपा और सपा से अभी भी बातचीत जारी है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नहीं चाहती कि भाजपा के खिलाफ पड़ने वाला वोट बंटे.


कमलनाथ ने कहा कि हमारा मुकाबला शिवराज सिंह चौहान की छवि से नहीं है, हमारा मुकाबला भाजपा उमीदवार से भी नहीं है बल्कि हमारा मुकाबला भाजपासे है, संघठन से. उन्होंने कहा कि शिवराज के नेतृत्व में हर वर्ग परेशान है, सभी लोग निराश हैं. कमलनाथ ने बताया कि पार्टी चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी है. हमारा मुकाबला भाजपा संगठन से है, उसके धनबल से है.


उन्होंने दिग्विजय सिंह की छवि के बारे में बात करते हुए कहा कि ’हमें किसी की छवि नहीं सुधारनी. वो 15 साल पहले की बात करते हैं, तो हम भी इतिहास की बात कर सकते हैं. इनका इतिहास क्या है ? एक भी व्यक्ति स्वतंत्रता सेनानी है.? बीजेपी पूरी तरह से कलाकारी की राजनीति पर निर्भर है, ध्यान मोड़ने की राजनीति पर. इसका हम मुकाबला करेंगे.’


उन्होंने ये भी कहा कि हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी की सभाओं में कांग्रेस का कोई रोल नहीं है क्यूंकि ये लोग कांग्रेस सदस्य भी नहीं है तो कांग्रेस इनकी सभाओं में कोई भी रोल अदा नहीं करती.हालाँकि उन्होंने कहा कि हार्दिक पटेल भाजपा का असली चेहरा लोगों के सामने ला रहे हैं तो ये अच्छा है अगर वो ये करते रहें.


गौरतलब है कि मध्य पदेश में बसपा का अच्छा आधार है,बसपा को यहाँ विधानसभा एवं लोकसभा में 6 से 7 पतिशत मत मिलता रहा हैवही समाजवादी पार्टी का यूपी के सीमावर्ती जिलो की कुछ सीटो पर प्रभाव है.कांग्रेस नही चाहती है कि भाजपा विरोधी मतो का बटवारा हो इसीलिए कांग्रेस पार्टी सपा और बसपा से चुनावी तालमेल चाहती है.

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