नई दिल्ली–धार्मिक सौहार्द की एक और मिसाल है मामला औरंगाबाद का है, जहां पिछले महीने की 11 मई को कथित तौर से पानी के विवाद को लेकर दंगा हो गया था जिसमें 2 लोग मारे गए थे और पुलिस कर्मियों सहित दर्जनों घायल हुए थे। इस दंगे में हिन्दू – मुस्लिम व्यापारियों की 22 दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.

जानकारी के अनुसार औरंगाबाद से औवेसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलेमीन के विधायक इम्तियाज़ जलील ने दंगे की चपेट में आईं इन सभी 22 दुकानों का पुनर्निर्माण कराकर स्थानीय नागरिकों सहित सभी धर्मों के लोगों और उन दुकानदारों को आमंत्रित करके एक एक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया, और उसके बाद इन दुकानों को दुकानदारों को सौंप दिया है.इस मौके पर मजलिस विधायक इम्तियाज़ जलील ने का बताया कि हमने अपना वादा निभाया है, और साथ ही सभी धर्मों के लोगों के साथ इफ्तार करके दुकानदारों को दुकानें सौंप कर सौहार्द की मिसाल क़ायम की है. मजलिस विधायक इम्तियाज जलील ने इसकी सूचना अपने ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करके भी दी है.इस अवसर पर हिन्दू दूकानदार ने AIMIM मुखिया असदुद्दीन ओवैसी की जमकर तारीफ की.

इधर औवेसी की पार्टी के विधायक इम्तियाज ने औरंगाबाद में हुऐ दंगे में सौहार्द की मिसाल पेश की है,उधर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलेमीन के नेता असदुद्दीन औवेसी और अकबरुद्दीन औवेसी पर सांप्रदायिकता फैलाने के आरोप लगते रहे हैं.मजे की बात यह है कि कभी ये आरोप वर्ग विशेष की राजनीति करने वाली भाजपा की तरफ से नहीं लगते बल्कि कांग्रेस की तरफ से लगते रहते हैं.

बता दें कि कांग्रेस और औवेसी की पार्टी का आंध्रा प्रदेश में लंबे समय तक गठबंधन भी रहा है,यूपीए सरकार को औवेसी का भी समर्थन प्राप्त था हालांकि यूपीए के दूसरे कार्यकाल में यह समर्थन कुछ समय तक ही रही पाया और औवेसी ने कांग्रेस से विवाद हो जाने के बाद खुद को इस विवाद से अलग कर लिया.

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