कर्नाटक में BJP को रोकने के लिए जेडीएस और कांग्रेस विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद साथ आ गयी है.जेडीएस और कांग्रेस का गठबंधन लोकसभा चुनाव में भी साथ रहा तो दोनों पार्टियों भाजपा का सफाया भी कर सकती है.वोटों के अंकगणित के आधार पर अगर कांग्रेस और जेडीएस व उसकी सहयोगी बसपा चुनाव से पहले गठबंधन करते तो भाजपा विधानसभा चुनाव में भी सिर्फ 68 सीटें ही हासिल कर पाती,जबकि दोनों पार्टियां का गठबंधन 156 सीटों का हो गया होता.रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान हालत को देखते हुए लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन बने रहने की संभावना है.क्योंकि लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों का मत प्रतिशत भाजपा के लिए काफी मुश्किल पैदा कर सकता है.

एक अखबार के अनुसार,अगर कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और जेडीएस के मत प्रतिशत के मिला लिया जाए तो भाजपा लोकसभा चुनाव में 28 सीटों में से महज 6 सीटें जीत सकेगी.ऐसे में साल 2014 के लोकसभा चुनाव में 17 सीटें जीतने वाली भाजपा को इस राज्य में खासी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.रिपोर्ट के अनुसार जिन छह सीटों पर भाजपा का जीतने का अनुमान है उनमें हावेरी बागलकोट,धारवाड़,उडुपी-चिकमंगलूर,दक्षिण कन्नड़ और दक्षिण बेंगलुरु शामिल हैं.आंकड़ों के मुताबिक भाजपा हैदराबाद-कर्नाटक और साउथ कर्नाटक क्षेत्र में एक भी सीट नहीं जीत पाएगी.

कांग्रेस और जेडीएस के साथ आने से दोनों पार्टियां लोकसभा चुनाव में 22 सीटें जीत सकेंगी जो पिछले लोकसभा चुनाव का दोगुना है.बता दें कि हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है,जिसने 104 सीटों पर जीत हासिल की है.वहीं कांग्रेस 38 फीसदी मतों के साथ 78 सीटें जीतने में कामयाब हुई है.जेडीएस ने 37 सीटें हासिल की हैं,जबकि जेडीएस संग लड़ रही बहुजन समाज पार्टी ने एक सीट पर जीत हासिल की है.

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