इलाहाबाद...इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने क़ब्रिस्तान को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि हर क़ब्रिस्तान मैं शौचालय की सुविधा होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हर क़ब्रिस्तान में शौचालय दिया जाए। अदालत ने कहा कि कब्रिस्तान में बड़ी संख्या में लोग आते हैं, जनाज़े को दफ़्न करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के आने की वजह से शौचालय का होना बेहद ज़ुरूरी है।


चीफ़ जस्टिस डीबी भोंसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए ये फ़ैसला सुनाया। ये याचिका अब्दुल रज़्ज़ाक़ तथा अन्य लोगों की ओर से डाली गई थी।


याचिका दायर कर नगर पालिका परिषद, कोंच जालौन द्वारा कब्रिस्तान में शौचालय बनाने का यह कहते हुए विरोध किया गया था कि इससे वहां की कब्रों को नुकसान होगा और यह जनभावना के खिलाफ है।


कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया, अदालत ने कहा कि हर क़ब्रिस्तान में शौचालय का निर्माण होना चाहिए क्योंकि जो लोग वहां जनाज़े में शरीक होने जाते हैं उन्हें सुविधा रहे। जानकार भी मानते हैं कि क़ब्रिस्तान में बड़ी संख्या में लोग जनाज़े के अरकान पूरे करने जाते हैं, ऐसे में ये ज़रूरी हैं कि वहां जन सुविधाएं हों। आपको बता दें कि मुस्लिम समाज में यदि किसी की मृत्यु हो जाती है तो उसे क़ब्रिस्तान में दफ़नाया जाता है। जब दफ़नाने का समय होता है तो उसके पहले एक नमाज़ पढ़ी जाती है जिसे नमाज़ ए जनाज़ा कहते हैं। इसमें बड़ी संख्या में लोग शरीक होते हैं।

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