नई दिल्ली-रमजान का पाक महिना शुरू होने से ठीक पहले और नमाज पर उठे विवाद के बाद हरियाणा में सत्ताधारी खट्टर सरकार ने वाहवाही लेने के लिए और खुद को धर्मनिरपेक्ष दिखाने के लिए हरियाणा वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को राज्य मंत्री का दर्जा देना का एलान किया है लेकिन दर्जा प्राप्त मंत्री का जो भी खर्चा आयेगा उसे वक्फ बोर्ड उठाएगा.

पत्रकार दीपकमल सहारण ने एक पोस्ट लिख कर इस मामले की जानकारी दी,उनके अनुआर आदेश में साफ लिखा है कि राज्यमंत्री दर्जे के लिए सब खर्च वक्फ बोर्ड की तरफ से किया जाएगा.यानी सरकार ने बोर्ड पर हर महीने लाखों रूपये का खर्च डाल दिया.पैसा निकलेगा उस फंड में से जो जरूरतमंद मुसलमानों के लिए होता है, फायदा एक शख्स को होगा और वाहवाही लेकर धर्मनिरपेक्ष कहलाएगी हमारी सरकार.

दीप कमल के अनुसार,हरियाणा की भाजपा सरकार ने अपनी पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) ज्ञानचंद गुप्ता को भी राज्यमंत्री का दर्जा दे रखा है,और उनका सारा खर्च सरकार उठाती है, ना कि हरियाणा भाजपा.गौरतलब है कि पिछले दिनों गुरुग्राम में नमाज़ रोके जाने के बाद सीएम मनोहर खट्टर ने कहा था कि मुस्लिमो को खुले में नमाज़ नही अदा करना चहिये,इसके बाद वक्फ बोर्ड ने हरियाणा सरकार को उसके अंतर्गत आने वाले 19 मस्जिदों पर सरकार द्वारा अवैध कब्ज़ा हटाने का निवेंदन किया था.खट्टर सरकार ने वक्फ बोर्ड के निवेदन पर कोई जवाब नही दिया उल्टा वक्फ बोर्ड अध्यक्ष को राज्य मंत्री बना दिया.

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