भोपाल- शिवपुरी जिले में कोलारस विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में बसपा ने अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है.चुनावी मैदान में किसी उम्मीदवार के नहीं होने के बावजूद बसपा सुप्रीमो मायावती और उनकी पार्टी ने मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान की दिक्कतें बढ़ा दी है.

दरअसल, मध्य प्रदेश में कोलारस और मुंगावली विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव अगले विधानसभा चुनाव के पहले सत्ता का सेमीफाइनल मुकाबला बन गया है.इन चुनावों में सीएम शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस की तरफ से सीएम पद के संभावित उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया की साख दांव पर लगी है.

शिवराज हर हाल में सिंधिया के गढ़ को भेदने की कवायद में जुटे हैं.लेकिन बसपा ने कोलारस चुनाव से दूर रहकर उनका गणित गड़बड़ा दिया है. यूं तो मायावती की पार्टी के उम्मीदवार ने कभी कोलारस विधानसभा सीट पर जीत हासिल नहीं की, लेकिन उनके उम्मीदवार के हासिल किए वोट से ही बीजेपी के जीत के दरवाजे खुले हैं.

बीजेपी का इस विधानसभा क्षेत्र में 2008 तक दबदबा था लेकिन 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में देवेंद्र जैन 24,553 मतों से रामसिंह यादव से हार गए.यह कांग्रेस के लिए एक बड़ी जीत थी,क्योंकि बसपा उम्मीदवार चंद्रभान सिंह यादव को 23,920 वोट (15% वोट शेयर) मिलने के बावजूद बीजेपी को करीब 25 हजार वोटों से शिकस्त झेलनी पड़ी.

पिछले वर्ष रामसिंह यादव का बीमारी की वजह से निधन हो गया. इस वजह से हो रहे विधानसभा उपचुनाव में बसपा ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है.बीजेपी ने एक बार फिर देवेंद्र जैन पर भरोसा जताया है, जबकि कांग्रेस ने रामसिंह यादव के बेटे महेंद्र यादव को टिकट दिया है. बसपा के मैदान में नहीं होने से कांग्रेस के वोटों का बंटवारा नहीं होगा, जिसने शिवराज सिंह चौहान की टेंशन बढ़ा दी है,बीजेपी के लिए यह चिंता का सबब इसलिए भी है, क्योंकि चित्रकूट विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भी बसपा की गैरमौजूदगी कांग्रेस की जीत में निर्णायक साबित हुई थी.

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