नई दिल्ली…लोकसभा चुनाव में अब जो भी वक़्त बचा है उसे तैयारी का ही है.लगभग सभी पार्टियाँ अब इस कोशिश में हैं कि सारे गुट को एकजुट किया जाए और मुक़ाबला किया जाए. विपक्ष इस समय गठबंधन बनाने में व्यस्त है.ऐसे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्षी पार्टियों के लिए एक ऐसा फोर्मुला सुझाया है जो उन्हें जीत के रास्ते पर ले जाएगा.

ममता ने बताया ये रास्ता…

एक चैनल से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अगर भाजपा के खिलाफ ऐसा भी हो जाए कि 75 सीटों पर महागठबंधन का उमीदवार खड़ा हो जाए तो भी भाजपा का खेल ख़त्म है.उन्होंने कहा कि अब बसपा और सपा एक साथ आ गए हैं तो भाजपा का खेल ख़त्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर बसपा और सपा साथ आ जाते हैं तो भाजपा का खेल खत्म हो जाएगा. ममता ने कहा कि अभी इसके बारे में एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार किया जा सकता है.

मजबूत गठबंधन के लिए क्या करे?

ममता ने हालाँकि कहा कि इस पर जो भी फैसला होगा सामूहिक होगा क्यूंकि विपक्ष एक बड़ा परिवार है.उन्होंने जीत का फार्मूला बताया कि जहां कांग्रेस की स्थिति अच्छी है वहाँ उसी को चुनाव लड़ने दिया जाए जहां क्षेत्रीय दल मज़बूत हैं वहाँ क्षेत्रीय दलों को लड़ने का मौक़ा दिया जाए. ममता ने कहा कि मुश्किल मुद्दों को अभी छोड़ दिया जाए जाना चाहिए और प्रधानमंत्री कौन होगा, न्यूनतम साझा कार्यक्रम क्या होगा ये तय हो जाना चाहिए.गौरतलब है कि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के ख़िलाफ़ विपक्ष एक मज़बूत गठबंधन बनाने की कोशिश में है.

क्या है मौजूदा स्थिति…

फिलहाल विपक्ष को यूपी,कर्नाटक और झारखण्ड में एक मजबूत गठबंधन बनाने में सफल दिख रहा है.जहाँ यूपी में अस्सी लोकसभा,कर्नाटक में 28 और झारखण्ड में 14 लोकसभा सीट है लेकिन बिहार में एनडीए के मजबूत गठबंधन के आगे विपक्ष कमज़ोर दिख रहा है.बिहार में भाजपा के साथ जनता दल यूनाइटेड,लोजपा और रालोसपा है वही महागठबंधन में कांग्रेस और राजद है.एक पार्टी हम ने भी महागठबंधन में आ गयी है लेकिन जब तक पासवान और कुशवाह विपक्षी दलों के साथ नही आते है तब तक भाजपा की स्थिति बहुत मजबूत है.कर्नाटक में यदि कांग्रेस और जेडीएस का तालमेल बना रहता है फिर भाजपा के लिए इस राज्य में भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

बसपा पर सबकी नजर…

ऐसी चर्चा है कि कांग्रेस मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बसपा के साथ गठबंधन कर सकती है.जहाँ तक कांग्रेस की बात की जाए तो उसके लिए मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चुनाव जीतना ज़रूरी है इन राज्यों में चुनाव इसी साल होने वाले है.महाराष्ट्र में अभी तक ना तो विपक्ष और ना ही भाजपा गठबंधन की रुपरेखा नही बना पाई है.इस प्रकार मोदी सरकार के लिए मुश्किल चुनौती आने वाली है लेकिन विपक्ष कैसे इस लाभ का फायदा उठा पाता है ये देखने वाली बात है.

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