आप जब भी किसी मंदिर में जाते हो तो घंटी जरुर बजाते होंगे,इसे भगवान से जुड़ी आस्था भी समझा जा सकता है और कहा जाता है की मंदिर में जाने पर घंटी बजाने से भगवान का ध्यान हमारी तरफ आकृषित होता है.पर सच्चाई क्या है इसका पता नहीं पर माना जाता है की भारत में हिन्दू धर्म के ग्रंथो को विज्ञान भी बहुत महत्व देता है कहा जाता है की जो विज्ञान आज खोज रहा है वो आज से करोड़ों सालों पहले ही हिन्दू धर्म यानि की सनातन धर्म में खोज लिया गया है.

हाल ही में एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा था की अगर हिन्दुस्तान के लोग अपने धर्म ग्रन्थ को सही तरीके से पढ़ ले तो वो दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा ज्ञानी वैज्ञानिक बन सकते हैं क्योंकि उनके पूर्वजों ने पहले से ही बहुत कुछ लिख दिया है जो लोगों को पता भी नहीं था.यहाँ तक की आज की विज्ञान भी उन्हें ही पढ़कर चीजो पर शौध कर रही है.

खैर आज हम बात कर रहे हैं की मंदिर में घंटी क्यों बजाई जाती है इसके दो कारण है एक तो धार्मिक और दुसरा वैज्ञानिक तो हम पहले धार्मिक कारण पर चर्चा करते हैं.कहा जाता है की मंदिर में घंटी बजाने से मन को शान्ति मिलती है.

इससे शरीर में मौजूद अनेक तरह की नकारात्मक उर्जा निकल जाती है.वहीं माना जाता है की घंटी बजाने से भगवान हमारी हर एक इच्छा को ध्यान से सुनते हैं और उस इच्छा को पूरी करने में जल्दी करते हैं.

खैर एक वैज्ञानिक कारण भी है, विज्ञान के अनुसार मंदिर में घंटी बजाने से आस पास में मौजूद कीटाणु और रोग फेलाने वाले सूक्ष्म जीव खत्म हो जाते हैं.वैज्ञानिकों के अनुसार कहा गया है की जहां मंदिर होता है वहां किसी भी तरह की महामारी नहीं आती है इस बात का प्रमाण उन्होंने अनेक तरह के उदहारण देकर किया.

खैर अब यह मानना ही होगा की मंदिर में जाओ तो घंटी जरुर बजाना क्योंकि अगर धार्मिक काम नहीं करेगा तो वैज्ञानिक जरुर काम करेगा और अगर ऐसा होता रहा तो हमारे देश और हमारी दुनिया में किसी भी तरह की माहामारी नहीं आएगी.

बहुत लोग विज्ञान और हिन्दू धार्मिक ग्रन्थ को अलग कहते हैं पर अब वैज्ञानिको ने भी साफ़ कर दिया है की हिन्दू पुराणों में बहुत सी ऐसी बातें है जिन्हें पढ़कर विज्ञान ने अपना रूप लिया है वरना विज्ञान का कोई अस्तित्व नहीं था. विज्ञान सिर्फ चीजों को सिद्ध करने में लगा है और वो सब हिन्दू धर्म के ग्रंथो की हैं.

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