नई दिल्ली-पंजाब में मुस्लिमों ने सामाजिक भाईचारे की मिसाल पेश की है,मुस्लिमो ने मस्जिद में सिखों को लंगर बनाने और बांटने के लिए ज़गह दे दी है,मामला राज्य के फतेहगढ़ साहिब का है.टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार,मुस्लिमों ने तीन दिवसीय शहीदी मेला के लिए सिखों को ऐतिहासिक लाल मस्जिद के परिसर में लंगर बनाने की अनुमति दी है, बता दें कि यहाँ पर शहीदी मेला गुरु गोविंद सिह के छोटे साहिबज़ादास के शहीद होने पर मनाया जाता है.

मामले पर बात करते हुए रंवान गांव के निवासी चरनजीत सिंह छन्नी ने मीडिया से कहा “मुस्लिम समुदाय ने शहीदी मेले पर लंगर लगाने की अनुमति दी है,हम लोगों के लिए खाना बना रहे हैं और तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में लंगर बांट रहे हैं.इसके लिए मस्जिद का बेसमेंट का इस्तेमाल हो रहा है म इसमें खाने की चीजों को रख सके.इस फैसले पर मस्जिद के देखरेख कर रही कमिटी के अलावा गाँव के मुस्लिम और गैर मुस्लिम दोनों खुश है.”

इस मामले पर पटियाला स्थित पंजाबी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर परमवीर सिंह ने कहा कि शैख सिरहिंदी द्वारा सिखों के पांचवे गुरु गुरु अर्जुन देव जी का उत्पीड़न करने में काफी अहम भूमिका रही थी.इसके बावजूद जब बंदा सिंह बहादुर सत्ता में आई तो उन्होंने मस्जिद को नहीं तुड़वाया.सीखो ने कभी कोई काम इस्लाम के खिलाफ नही किया बस उनका विरोध मुगल हुकमत तक था.

वही सिखों को लंगर बनाने और बांटने के लिए जगह देने पर लाल मस्जिद के रखरखाव की ज़िम्मेदारी निभा रहे खलीफा सयैद मोहम्मद सादिक रज़ा ने कहा “हमें खुशी है कि हम सिख समुदाय के काम आ सके.दूसरे धर्म के लोगों में अलग धर्म के लोगों के लिए कोई गलत धारणा नहीं है लेकिन सत्ता में बैठे लोग और राजनेता ही उनका बंटवारा करना चाहते हैं.”

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