नई दिल्ली…देशभर में बच्चा चोरी के नाम पर अफवाह से कई लोगो की जाने गयी.महाराष्ट्र के मनमाड में बच्चा चोरी की अफवाह में पाच हिन्दुओं की जान पर बन आई थी लेकिन कहते है जिसको अल्लाह रखे उसे कौन चख्खे.ऐसा ही यहाँ हुआ,भीड़ से एक युवक फ़रिश्ता बनकर निकला और इन सभी की जान बचा ली.


उग्र भीड़ के निशाने में एक महिला और मासूम बच्चा भी था.मामला मनमाड के आजाद नगर इलाके का है.दरअसल भीड़ को शक हुआ कि पाच लोग बच्चा चोरी करने वाले गैंग से है फिर क्या हुआ बच्चा चोर चोर की आवाज़ लगाते ही हजारो लोग इकट्टा हो गये.मुस्लिम इस इलाके में बहुलता वाले है लेकिन बच्चा चोरी की अफवाह में हिन्दू और मुस्लिम एक साथ भीड़ का हिस्सा बन गये और पांचो की पिटाई शुरू कर दी.


उग्र भीड़ इतनी ज्यादा उत्तेजित थी कि इन सभी को पीट-पीटकर मार डालती,लेकिन इस बीच एक नौजवान सामने आया जिसका नाम वसीम है.वसीम ने उग्र भीड़ को समझाने की कोशिश की कि ये सभी बच्चा चोर गिरोह के सदस्य नहीं है.इसके बाद भी लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ तो वसीम ने अपनी जिंदगी जोखिम में डालते हुए सभी को उग्र भीड़ के चंगुल बचाकर अपने घर में शरण दी.


लेकिन कुछ देर बाद भीड़ ने उसके घर पर भी हमला कर दिया,इस बीच पुलिस की एक टीम आ गयी,हलाकि पुलिस को देखकर लोगों का आक्रोश कम होने के बजाय बढ़ गया और वो पांचों लोगों को उनके हवाले करने की मांग करने लगे.कुछ लोगों ने पुलिस की टीम पर हमला करा दिया और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी लेकिन पुलिस ने मामला नियंत्रण में ले लिया.इस मसले पर पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने बताया कि उग्र भीड़ पर काबू करने के लिए पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा. उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि वसीम की वजह से ही पांच लोगों की जिंदगी बची है.

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