नई दिल्ली...बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने अपनी वाहवाही एक मामले में तो जमकर की वो है शराब बंदी. शराब बंदी को लेकर जदयू-भाजपा सरकार की वाहवाही तो हुई लेकिन जिस तरह से इसको लागू किया गया उसकी आलोचना भी हुई. एक तो सरकार कभी शराब बंदी रोक ही नहीं पायी और अब भी सरकार फ़ेल ही नज़र आ रही है. कई जगह सामूहिक प्रोग्राम में भी शराब पीते हुए लोग पाए गए हैं जबकि सरकार कुछ भी कर पाने में नाकाम है. विपक्ष का कहना है कि नीतीश कुमार सभी मुद्दों पर फ़ेल ही होते जा रहे हैं.


अब नीतीश कुमार की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने अपने शराबबंदी के क़ानून में तब्दीली की है. कैबिनेट ने इस मामले में ढील दी है. काबिनेल ने क़ानून के प्रावधान में थोड़ी कम सख्ती करने का मन बना लिया है. कैबिनेट ने शराबबंदी को लेकर अब घर, गाड़ी और खेत को क़ानून के प्रावधान से हटा लिया है. इसका अर्थ ये है कि शराब पीते पकड़े जाने पर ये चीज़ें ज़ब्त नहीं होंगी. पहले क़ानून में ऐसा प्रावधान था जिसकी वजह से सरकार की आये दिन निंदा होती थी. कैबिनेट से मंज़ूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा.


ये एक बड़ा फैसला माना जा रहा है. नीतीश कुमार पहले भी कह चुके हैं कि इस बारे में वो क़ानून के जानकारों से सलाह ले रहे हैं. इस प्रावधान को आगामी सत्र में प्रस्तुत किये जाने की उम्मीद है. आपको बता दें कि नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में 39 एजेंडों पर मुहर लगाई गयी. विपक्ष इसे लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देख रहा है.

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