पटना-बिहार उपचुनाव में नीतीश की पार्टी जदयू ने उम्मीदवार नही उतारने का फैसला किया है.लेकिन इस बीच सीएम नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में ऐसी बात कह दी जिसके बाद ये हवा उड़ने लगी है कि नीतीश कुमार उपचुनाव में प्रचार नही करेंगे.सोमवार को संवाद कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि उपचुनाव नहीं लड़ने का फैसला जदयू स्टेट यूनिट का है तो मेरे चुनाव प्रचार करने का फैसला भी स्टेट यूनिट को ही करना है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सीटिंग सदस्यों के निधन के कारण तीनों सीटें रिक्त हुई है और पार्टी का फैसला है कि जदयू चुनाव में भाग नहीं लेगा.यह पार्टी ने अपनी एक नीति के तहत फैसला लिया है,जिन सीटो पर उपचुनाव होना है वहां किसी पर भी हमारी पार्टी का विधायक नही था,वैसे भी ये चुनाव सदस्यों के निधन से खाली हुई सीटो को लेकर है. पार्टी की कोर कमिटी में इस बात को लेकर चर्चा हुई और चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया गया है.फैसले के बाद मुझसे पूछा गया तो मैंने सहमती दे दी.

आरएसएस प्रमुख मोहन भावगत के बयान पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस संबंध में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन अगर संगठन कोई कह रहा है कि देश की रक्षा के लिए हम 3 दिन में तैयार हो जाएंगे तो यह विवाद का विषय नहीं है.इसमें कुछ गलत नही है.तेजस्वी यादव के बयान पर पूछे गये सवाल पर सीएम नीतीश कुमार ने कोई ज़वाब देने से इंकार कर दिया.नीतीश कुमार के उपचुनावों में प्रचार ना करने के ब्यान के बाद भाजपा में मायूसी है,पार्टी के राज्य नेताओ को लगता है कि अगर नीतीश कुमार प्रचार करते है तो उपचुनावों में भाजपा उम्मीदवारों को फायदा मिलता.हलाकि पार्टी को उम्मीद है कि नीतीश कुमार एनडीए के फायदे के लिए खुद चुनाव प्रचार में उतरेंगे.

बता दे बिहार में एक लोकसभा सीट और दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. जिन सीटो पर उपचुनाव होना है उसमे अररिया लोकसभा और भभुआ और जहानाबाद विधानसभा सीट है यहाँ 11 मार्च को उपचुनाव होगा और 14 मार्च को मतगणना होगी.

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