ब्लॉग

इतने वर्षो तक क्यों सोये रहे ओवैसी सहित मुसलिम नेता,जुनेद क़ाज़ी के मुद्दा उठाने पर क्यों जागे

भारतीय मुसलमानो को पाकिस्तान का नाम लेकर प्रताड़ित किये जाने के खिलाफ कानून बनाये जाने के लिए अब देश के ओलेमा भी हामी भर रहे हैं.
वहीँ आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी द्वारा बुधवार को इस मामले को संसद में उठाया गया था. ओवैसी ने संसद में इस मामले को उठाते हुए कहा कि मुसलमानो को पाकिस्तानी कहने वालो को तीन साल की सजा के प्रावधान वाला कानून बनाया जाये.यहाँ एक अहम और बड़ा सवाल यह उभर कर सामने आता है कि जब अमेरिका में एक प्रवासी भारतीय जुनेद क़ाज़ी ने मुसलमानो की पीड़ा को समझते हुए यह मामला उठाया उसके बाद ही असदुद्दीन ओवैसी को भारतीय मुसलमानो का यह दर्द अब क्यों याद आया?ओवैसी 2014 में हैदराबाद से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से लगातार संसद जा रहे हैं,इतने दिनों तक ओवैसी ने संसद में इस मामले को क्यों नहीं उठाया.

वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद पूरे देश में माहौल तेजी से बदला और धीमे धीमे यह एक फैशन की तरह हो गया कि किसी मुसलमान को प्रताड़ित करना हो तो पाकिस्तान का नाम आगे कर दो,पाकिस्तान का नाम लेकर मुसलमानो की देशभक्ति की परीक्षा ले लो, उन पर पाकिस्तान के समर्थन के झूठे आरोप लगाओ और उन्हें प्रताड़ित करो.देश में माहौल में आया परिवर्तन सिर्फ बीजेपी नेताओं की ज़ुबान तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि मुसलमानो को अपमानित करने के लिए पाकिस्तान का प्रचार सोशल मीडिया से लेकर गली मोहल्लो तक पहुँच गया.हाल ही में कासगंज में हुई हिंसा इसका एक बड़ा उदाहरण है कि किस तरह गणतंत्र दिवस मनाने के लिए जुटे मुसलमानो को झंडा फहराने के लिए साजिश रची गयी.

पिछले कुछ वर्षो में यह देखा गया है कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता नहीं बल्कि केंद में मंत्रियों की कुर्सियों पर बैठे लोग भी पाकिस्तान का नाम लेकर मुसलमानो को निशाना बनाते रहे हैं। भारतीय राजनीति में सिर्फ एक दो नहीं बल्कि कई मुसलमान नेता संसद और राज्य सभा के सदस्य हैं.इसके बावजूद सांसद असदुद्दीन ओवैसी सहित किसी सांसद या विधायक के मूँह से यह नहीं निकला कि देश के संविधान के विरूद्ध मुसलमानो पाकिस्तान भेजे जाने के लिए मूँह खोने वाले बीजेपी नेताओं पर कानूनी कार्रवाही क्यों नहीं होती.

पाकिस्तान का नाम लेकर भारतीय मुसलमानो को प्रताड़ित किये जाने के खिलाफ कानून बनाये जाने के लिए सबसे पहले आईएनओसी यूएसए के पूर्व अध्यक्ष और हाल ही में बीजेपी से जुड़ने वाले जुनेद क़ाज़ी ने उठाया था.पीएम नरेंद्र मोदी से प्रभावित होने के बावजूद जुनेद क़ाज़ी ने पार्टी लाइन से अलग हटकर इस मुद्दे को उठाते हुए देश में एससी/एसटी एक्ट की तरह एक ऐसा कानून बनाये जाने के लिए आवाज़ उठायी.जिसमे यदि कोई भारतीय मुसलमानो को पाकिस्तान का नाम लेकर प्रताड़ित या अपमानित करे तो ऐसे व्यक्ति को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा सके.

जब 2 फरवरी को न्यूयॉर्क से जुनेद क़ाज़ी ने लोकभारत को दिए अपने बयान के माध्यम भारतीय मुसलमानो के पक्ष में आवाज़ उठायी तो उसके चार दिन बाद ही एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस मुद्दे को लपकने की चाहत में संसद में इस मुद्दे को उठाया लेकिन सवाल यह उठता है कि 2014 से अब तक एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी सहित तमाम मुसलिम सांसदों और विधायकों को यह याद क्यों नहीं आयी कि भारतीय मुसलमानो को पाकिस्तान का नाम लेकर ब्लेकमेल किया जा रहा है और इसे कानून बनाकर ही रोका जा सकता है.
राजा ज़ैद

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top