नई दिल्ली-राजस्थान के दो लोकसभा सीट और एक विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा की करारी हार पर राजनैतिक विश्लेषको के ब्यान आने शुरू हो गये है.राजनीतिक विश्लेषक और सी वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने ऐसा दावा किया है कि अगर उपचुनाव के आधार पर 17 विधानसभा सीटों के ट्रेंड को सभी 200 विधानसभा सीटों पर लागू करें तो कांग्रेस राजस्थान में धमाकेदार ढंग से वापसी करने जा रही है.कांग्रेस को 140 सीटें मिलने की उम्मीद हैं, जो पिछली बार के मुकाबले 119 सीटें ज्यादा हैं.वहीं, बीजेपी को महज 53 सीटें मिलेंगी,जो पिछले बार के मुकाबले 109 सीटें कम हैं.

2013 में भाजपा को 162,कांग्रेस को 21 जबकि अन्य को 17 सीटें मिली थीं.एक और राजनैतिक विश्लेषक मनीष मिश्रा के अनुसार,राजस्थान में भाजपा के लिए उपचुनाव ज़मीन खिसकने का संकेत है.भाजपा ने इस राज्य में पिछली बार क्लीन स्वीप करके 25 सीट लोकसभा में जीती थी लेकिन अगर यही ट्रेंड रहा फिर कांग्रेस 18 ज़गह विजय होगी और भाजपा 7 ही जगह पर सिमट जायेगी.मनीष मिश्रा के अनुसार,राजस्थान में भाजपा को विधानसभा में अब तक की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है.कांग्रेस यहाँ 150 से 160 जबकि भाजपा 20 से 30 के बीच सिमट सकती.मनीष के अनुसार,विधानसभा चुनाव में वसुंधरा और मोदी दोनों के खिलाफ गुस्सा जनता दिखाएगी जबकि लोकसभा में वसुंधरा के खिलाफ गुस्सा उतना असर नही करेगा लेकिन ट्रेंड लोकसभा में भी भाजपा के लिए चिंता बढाने वाले है.

राजस्थान और पश्चिम बंगाल में हुए उप चुनावों के नतीजों में गुरुवार (1 फरवरी) को बीजेपी को बड़ा झटका लगा है,गुरुवार को हुई मतगणना के बाद अलवर लोकसभा सीट के अलावा मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है.अजमेर लोकसभा सीट पर भी कांग्रेस के रघु शर्मा ने जीत दर्ज की है.अलवर सीट से कांग्रेस उम्‍मीदवार करण सिंह यादव ने बीजेपी के जसवंत सिंह यादव को 1,56,319 वोट से हरा दिया. वहीं, मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्‍मीदवार विवेक धाकड़ ने भाजपा के शक्ति सिंह को 12,976 मतों से हराया.

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