नई दिल्ली…एक जमाने में आरएसएस,नरेंद्र मोदी और अमित शाह को पानी पी पी कर कोसने वाले बिहार सीएम नीतीश कुमार एनडीए में आ कर ऐसे बेबस हो गये है कि लोकसभा चुनाव में सम्मानजनक सीट भी नही हासिल कर पा रहे है.वही अब सूत्र बता र्रहे है कि जनता दल यूनाइटेड 12 सीट पर आ गयी है लेकिन अमित शाह इतने पर भी तैयार नही है.भाजपा नीतीश कुमार को दस सीट ही देने के लिए तैयार है.


मोदी और शाह के जाल में फंसा एक और दिग्गज…
नीतीश कुमार अकेले नही है लोकसभा चुनाव के पूर्व भाजपा अपनी हर कमजोरी दुरुस्त करने में लगी है.राजनैतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की भी ऐसी ही हालत है.लोकसभा चुनाव 2014 में जीत का श्रेय प्रशांत किशोर के मैनेजमेंट को भी दिया गया.लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद प्रशांत भाजपा से अलग हो गये,कहा गया कि प्रशांत किशोर भाजपा के हार्डकोर वाले एजेंडे से सहमत नही है.उन्होंने बिहार में सफलतापुर्वक बीजेपी के खिलाफ जद-यू और राजद के महागठबंधन के बल पर रोका.यहाँ से प्रशांत किशोर अपने करियर की उंचाई पर आ गये.


\लेकिन यूपी विधानसभा में वो कांग्रेस की तरफ से ज़िम्मेदारी लेने के बाद सपा से गठबंधन करवाने में कामयाब तो हो गये लेकिन पार्टी ने अब तक के इतिहास का सबसे बुरा प्रदर्शन किया.ऐसा कहा जाता है यूपी विधानसभा चुनाव के बाद प्रशांत किशोर का काम पिट गया.वैसे तो वो आंध्र प्रदेश में वाईएस आर कांग्रेस के लिए रणनीति बना रहे है लेकिन इसके बाद उनके पास काम नही है.

प्राशंत किशोर भाजपा के साथ करने को मजबूर..

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,प्रशांत किशोर भाजपा की लोकसभा चुनाव का प्रबंधन देखना चाहते है दरअसल विपक्षी दलों में से भी किसी ने प्रशांत को तरजीह देना बंद कर दिया है.बीजेपी से काम मिल जाए इस लिए वो कई बार पीएम मोदी और अमित शाह से मुलाक़ात कर चुके है.अभी तक भाजपा ने प्रशांत किशोर के किसी प्रस्ताव पर सहमती नही दी है लेकिन इंकार भी नही किया है.


वही पीएम मोदी ने साफ़ कर दिया है कि प्रशांत को अगर काम दिया गया फिर ये लोकसभा तक ही रहेगा बाकि परिणाम आने के बाद देखा जायेगा वही पार्टी प्रशांत किशोर को कोई राजनैतिक पद नही देगी,भाजपा सूत्रों का दावा है कि प्रशांत किशोर का अमित शाह से अलगाव पद मांगने को लेकर हुआ था.भाजपा सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी की शर्तो पर प्रशांत किशोर तैयार है.

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