जयपुर-राजस्थान में हुए तीन उपचुनावों में हार के बाद भाजपा के खेमे में पहली बार चिंता की लकीरे है,पार्टी के कई नेताओ ने NEWS18 से बातचीत में माना है,पार्टी के लिए विश्लेषण में हैरान करने वाली बात सामने आई.अलवर,अजमेर और मांडलगढ़ सीट पर हार से जुड़ी हर एक नयी रिपोर्ट पार्टी के लिए नयी चुनौतियां सामने लाती है.

भाजपा नेताओ ने जब तीनो ज़गह का विश्लेषण बूथ वार किया तब कई ऐसे कई बूथ निकले जहां पर बीजेपी उम्मीदवार को मात्र 01 या 02 वोट मिले. यहीं नहीं कुछ बूथ तो ऐसे थे जहां पर बीजेपी को एक भी वोट नहीं मिला है.पार्टी नेताओं का कहना है अगर उनको किसी बूथ पर जीरो,एक या दो वोट मिले तब ये मानना चाहिए हमारी पार्टी के एजेंट का परिवार भी भाजपा के साथ नही थी.अजमेर के दुधू के बूथ नंबर 49 का नतीजा तो बीजेपी के लिए हैरान करने वाला था.यहां पर भाजपा को एक भी वोट नहीं मिले,जबकि कांग्रेस 337 वोट मिले.

इस बूथ के बारे में भाजपा नेताओ ने विश्लेषण में पाया कि यहाँ पार्टी का एजेंट ने भी भाजपा के पक्ष में मतदान नही किया.दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अजमेर में भाजपा दोनों शहरी सीट गंवा दी,जबकि इससे पहले और भी चुनौतीपूर्ण हालात थे फिर भी 1985 और 1998 को छोड़कर भाजपा यहां जीतने में कामयाब रही थी.भाजपा का कहना है कि शहरी वोटों में बिखराव पार्टी के लिए चिंता की बात है. हार का अंतर भी भाजपा को चिंतित कर रहा है.

गौरतलब है कि अलवर और अजमेर दोनों लोकसभा में भाजपा को कांग्रेस ने बड़े अंतर से हराने में सफलता पाई है. मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस को करीब 12 हजार के अंतर से जीत मिली है.

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