जयपुर...राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर अब प्रचार का दौर शुरू हो चुका है। इस बीच कांग्रेस में विरोध के स्वर भी सुनने को मिल रहे हैं। असल में विवाद किशनपोल सीट को लेकर है। यहां से पार्टी ने मुस्लिम उम्मीदवार को उतारने का फ़ैसला किया है। किशनपोल विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट दावेदार ज्योति खंडेलवाल ने इस बारे में अपना ऐतराज़ पार्टी को बताया है।


खंडेलवाल का कहना है कि यहां से मुस्लिम को टिकट देना उचित नहीं है। खंडेलवाल ने इस बात के पीछे तर्क दिया है कि यहां मुस्लिम वोटरों की संख्या कम है। उनका कहना है कि हवामहल और आदर्श नगर में किशनपोल के मुक़ाबले अधिक मुसलमान हैं तो अगर पार्टी मुसलमान को टिकट देना ही चाहती है तो ये सीटें बेहतर हैं किशनपोल सीट की तुलना में. खंडेलवाल का कहना है कि किशनपोल विधानसभा सीट से तीन बार मुसलमान को टिकट दिया है और तीनों बार मुस्लिम उमीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है.


आपको बता दें कि यहाँ से शाह इकरामुद्दीन, अश्क अली टांक और अमीन काग़ज़ी चुनाव लड़ चुके हैं और हार चुके हैं. आपको बता दें कि जौहरी बाज़ार सीट से कांग्रेस ने 1998 में तकीउद्दीन अहमद को मैदान में उतारा था. उन्होंने क़द्दावर नेता और चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ को हराया था. शहर की आठ में से सिर्फ एक ही सीट पर तब मुस्लिम उमीदवार को उतारा गया था.


इस बार भी यही मांग उठ रही है कि शहर की आठ सीटों में से एक मुस्लिम और एक राजपूत उमीदवार उतारा जाए. 2008 और 2013 के विधान्स्बाहा चुनाव में कांग्रेस ने दो मुस्लिम और दो राजपूत उमीदवार उतारे थे. दोनों ही चुनाव में मुस्लिम प्रत्याशियों की हार हुई थी जबकि 2008 में एक राजपूत प्रत्याशी जीत गए थे और एक हार गए थे. 2013 में दोनों राजपूत प्रत्याशी हार गए थे.

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