जयपुर-भाजपा के लिए गाय एक बड़ा वोट बैंक बन गया है गौरक्षा एवं गौसेवा को लेकर राजस्थान सरकार गभीर दिख रही है . राजस्थान देश का पहला राज्य है जहां गाय के लिए अलग से मंत्रालय यानि गोपालन मंत्रालय बना हुआ है,वहीं अब इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राजे सरकार ने शराब पर 20 प्रतिशत ‘काउ सेस’ लगा दिया है.


प्रदेश में बीयर और शराब आज से 20 प्रतिशत महंगी हो गई है.दरअसल इन पर 20 प्रतिशत सरचार्ज वसूला जाएगा.वहीं सरकार ने वेट अधिनियम के चलते इस वसूली के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है.साथ ही बीयर, देशी और अंग्रेजी शराब के साथ ही विदेशी शराब की बिक्री पर भी सरचार्ज वसूला जाएगा.


गौरतलब है कि शराब पर सेस वसूलने के लिए वेट अधिनियम में संशोधन भी किया गया था.इस सेस को गायों की विकास निधि के रूप में इस्तेमाल करने का प्रावधान रखा गया था जिसके साथ ही शराब पर कीमत से अधिक राशि वसूलने की भी कई शिकायतें सामने आ रही हैं.वहीं सरकार ने पेंशन भुगतान के लिए प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों औऱ कर्मचारियों के मूल वेतन से हर माह 10 प्रतिशत की दर से अंशदान काटने का फैसला लिया है.इसे भी लागू कर दिया गया है.

सरकार के अनुसार राज्‍य की गौशालाओं में करीब 5 लाख से ज्यादा गायें हैं और उनके संरक्षण के लिए कम से कम 200-500 करोड़ रुपए की जरूरत है.यह खर्च उठाने के लिए सरकार ने इस काउ सरचार्ज को वसूलना शुरू किया और अब शराब पर 20 प्रतिशत सरचार्ज लगा दिया गया है.


मुस्लिम समाज में है ख़ुशी…भाजपा सरकार के इस फैसले का राज्य के मुस्लिमो ने स्वागत किया है.राजस्थान के अलवर के रहने वाले साकिब कहते है प्रदेश सरकार का ये बहुत अच्छा फैसला है.सरकार ने बहुत समझदारी से शराब पर टैक्स लगाया है शराब हराम है और सरकार के इस फैसले का मुस्लिम समाज स्वागत करता है.

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