जयपुर–राजस्थान की सर्व राजपूत समाज संघर्ष समिति ने बीते 16 मई को राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार को आखिरी चेतावनी दी है.राजपूत समिति ने कहा कि 3 जून सनवद हिंसा मामले में अगर उनके राजपूत नेताओ के खिलाफ सभी केस वापस नहीं लिए गए तो अगले चुनाव में राजस्थान को भाजपा मुक्त बना देंगे.

बता दें कि बीते साल जुलाई में सनवद गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के स्मारक में मीटिंग के दौरान भड़की हिंसा में कई राजपूत नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.इस मामले की सुनवाई अभी सीबीआई कर रही है.राजपूत संगठन का आरोप है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार उनके नेताओं के खिलाफ प्रतिशोध की भावना से काम कर ही है.

राजपूत समुदाय ने सूबे की भाजपा सरकार को धमकी दी है कि अगले विधानसभा चुनाव में वो भाजपा के खिलाफ वोटिंग करेंगे, इतना ही नहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे.इंडियन एक्सप्रेस एंव जनसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक राजपूत समुदाय ने इसी बाबत बीते बुधवार से अजमेर में भाजपा के खिलाफ एक मुहिम भी शुरू की है जो अगले महीने तीन जून को खत्म होगी.

राजपूत संगठन का दावा है कि पैमाने पर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा. राजपूत नेताओं का आरोप है कि सूबे की वसुंधरा राजे सरकार राजपूतों के खिलाफ काम कर रही है.18 जुलाई, 2017 को राजपूत नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए.राजपूत संगठन का आरोप है कि राजपूत नेताओं के खिलाफ झूठे केस दर्ज किए गए.समुदाय ने इसके साथ ही किर्सा कृष्ण राजपूत समाज के लिए आरक्षण की मांग की है.

राजपूत समुदाय की मांग है कि पद्मावत जैसी फिल्मों की शूटिंग राजस्थान में प्रतिबंधित की जाए.राजपूतों के सामाजिक संगठनों को टैक्स से छूट दी जाए. राजपूत समुदाय ने इसके साथ अजमेर में बड़ा शैतान सिंह राजपूत हॉस्पिटल बनवाने की मांग की है.राजपूत समुदाय के गिरिराज सिंह लोटवाडा,संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुखदेव सिंह,करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गा सिंह खेमसे, चंद्रभान सिंह राठौर और रावण राजपूत कमिटी के नेताओं के इस आंदोलन में हिस्सा लेने की खबरें हैं.

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