देश में कई ज़गहो पर रामजान का चाँद देखने की खबर मिल रही है.लखनऊ,चेन्नई और कश्मीर समेत देश के कई हिस्सों में चाँद दिखने की सूचना मिली है.नवभारत टाइम्स के पत्रकार सूर्य शुक्ला और ABP न्यूज़ के पत्रकार पंकज झा के अनुसार,लखनऊ में चाँद दिख गया है और रोज़े कल से लोग रखेंगे.

जम्मू एंड कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्लाह ने रमजान की लोगो को बधाई दी वही मौजूदा सीएम महबूबा मुफ़्ती ने रमजान का महीना शांति का प्रतीक है और इस तरह के फैसले बातचीत के लिए शांतिपूर्ण और सौहाद्रपूर्ण माहौल बनाने में काफी मददगार होंगे.इस बीच केंद्र सकरार ने रमजान के महीने की शुरुआत से ठीक पहले केंद्र सरकार ने घाटी में सुरक्षाबलों को रमजान के दौरान कोई नया ऑपरेशन शुरू ना करने के निर्देश दिए हैं.

मुस्लिमो के लिए इबादत का है महीना
रमजान के पवित्र महीने का इंतजार इस्लाम धर्म में आस्था रखने वालों को बेसब्री से रहता है.रमजान का महीना मुसलमानों को अल्लाह के और करीब लाता है। इस्लामी कैलंडर में इस महीने को हिजरी कहा गया है.हिजरी में कुरान पढ़ने से बरकरत मिलती है.वहीं, रमजान के दौरान रोजे रखने की भी परंपरा है,कहते हैं कि इस महीने में रोजे रखकर मुससमान लोग ताक्वा प्राप्त करना चाहते हैं.

इसके साथ ही रमजान में बुरी आदतों से दूर रहने के लिए भी कहा गया है.रमजान में मुलमान लोग अल्लाह को उनकी नेमत के लिए शुक्रिया अदा करते हैं.महीने भर रोजे के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद उल फितर मनाया जाता है.इन सबके बीच क्या आप जानते हैं कि रमजान क्यों मनाया जाता है? और इसका इतिहास क्या है? आज हम आपको इस बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं.

ऐसा माना जाता है कि मोहम्मद साहब को साल 610 में लेयलत उल-कद्र के मौके पर पवित्र कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था.उसी समय से रमजान को इस्लाम धर्म के पवित्र महीने के तौर पर मानाया जाने लगा.इस पवित्र में महीने में मुसलमान लोगों को कुछ खास सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है.

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