नई दिल्ली-कर्नाटक राज्यपाल की विवादित शैली पर सुप्रीम कोर्ट आंख मूंद के बैठने के मूड में नही है,कर्नाटक राजपाल वजुभाई वाला ने सबसे पहले भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में बुलाकार विवाद को जन्म दिया उसके बाद एक एंग्लो-इंडियन समुदाय के व्यक्ति को विधायक के रूप में निर्वाचित कर दिया.जानकारों की माने ऐसा सीएम येदिरुपा को विधानसभा में बहुमत में आसानी हो इसलिए किया गया.

कांग्रेस-जेडीएस ने गवर्नर वजुभाई वाला के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट से एंग्लो-इंडियन विधायक की नियुक्ति रोकने की मांग की थी जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे कर दिया है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब तक विधानसभा में बहुमत का फैसला नही हो जाता है तब तक किसी विधायक की राज्यपाल नियुक्ति नही कर सकते है.इस फैसले से भाजपा को बड़ा झटका लगा है.

सुप्रीम कोर्ट ने कल शक्ति परिक्षण का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में चल रहे संकट को समाप्त करने के लिए विधानसभा में कल शक्ति परीक्षण कराने की बात कही है जिस पर जेडीएस और कांग्रेस ने सहमती दे दी है वही भाजपा की तरफ से पैरवी कर रहे मुकुल रोहतगी ने इसका विरोध किया है उन्होंने कहाकि कम से कम एक हफ्ते का समय बहुमत सिद्द करने के लिए येदुरप्पा को मिलना चहिये.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here