नई दिल्ली...राजनीति एक ऐसी चीज़ है जिसमें कुछ लड़ाइयाँ तो चुनाव के मैदान में लड़ी जाती हैं तो कुछ ऐसी हैं जो अदालत में भी लड़ी जाती हैं. सुप्रीम कोर्ट में ऐसे ही एक मामले की सुनवाई हो रही है. गुजरात हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली भाजपा नेता बलवंत सिंह राजपूत की याचिका पर आगे सुनवाई न करे.

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कांग्रेस नेता की अर्जी पर भाजपा नेता बलवंत सिंह राजपूत से जवाब माँगा. इस जवाब को देने के लिए उन्हें दो हफ्ते का समय दिया गया है. पीठ में मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा के अतिरिक्त न्यायमूर्ति ए. एम. खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ भी शामिल हैं.


राजपूत जब जवाब दे देंगे तो उसका प्रतिउत्तर देने के लिए अहमद पटेल को भी दो हफ्ते का समय दिया गया है. आपको बताएं कि पिछले साल गुजरात में हुए राज्यसभा चुनाव में अहमद पटेल ने भाजपा को हराया था. भाजपा उमीदवार बलवंत सिंह राजपूत ने पटेल को हारने की बड़ी कोशिश की लेकिन कांग्रेस की रणनीति के आगे भाजपा पूरी तरह से फ़ेल नजर आयी.


इस चुनाव को जीतने के लिए भाजपा का पूरा केन्द्रीय नेतृत्व लग गया था वहीं कांग्रेस ने भी इसमें जी जान लगा दी और आखिर कांग्रेस को जीत हासिल हुई. जानकार इसे भाजपा की बड़ी हार मानते हैं.इसके बाद ही कांग्रेस का गुजरात में उदय हुआ.कांग्रेस ने इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया.


अहमद पटेल का राजनैतिक जीवन…
पटेल ने अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत नगरपालिका के चुनाव से की थी, जिसके बाद आगे पंचायत के सभापति भी बन गए। बाद में इन्होंने कांग्रेस पार्टी में प्रवेश किया और उसके बाद राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए.इन्दिरा गांधी के आपातकाल के बाद 1977 में आम चुनाव हुए थे, जिसमें इन्दिरा गांधी की हार हुई थी.इसी चुनाव में इनकी जीत हुई और पहली बार पहली बार लोकसभा में आए थे.


कांगेस में सोनिया गांधी के आने के बाद अहमद पटेल का कद बढता चला गया.पिछली यूपीए सरकार वो सबसे ताकतवर कांग्रेस नेताओं में शुमार किये जाते रहे.वो आज भी सोनिया गांधी के पोलिटिकल एडवाइजर है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here