मुंबई-शिवसेना ने ठाणे जिला परिषद के चुनाव में भाजपा को छोड़कर एनसीपी के साथ गठबंधन कर जिला अध्यक्ष के पद पर कब्ज़ा कर लिया.शिवसेना चाहती तो वो भाजपा के साथ भी गठबंधन कर के अपना अध्यक्ष बनवा लेती लेकिन शिवसेना ने एनसीपी के साथ अलायन्स करना ज्यादा मुफीद समझा,इसको कई राजनैतिक जानकर भविष्य का इशारा मान रहे है.

ठाणे जिला परिषद की 53 में से 26 जिला परिषद की सीट जीतने के बाद सोमवार को शिव सेना ने एनसीपी के साथ गठबंधन करते हुए निर्विरोध अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया है.वहीं एनसीपी को डिप्टी उपाध्यक्ष पद के लिए चुना गया.शिवसेना की मंजुशा जाधव को अध्यक्ष के तौर पर चुना गया तो वहीं एनसीपी के सुभाष पवार को उपाध्यक्ष का पद मिला.

इन चुनावों में भाजपा को केवल केवल 14 सीटो पर जीत मिली थी.एनसीपी ने 10 और कांग्रेस ने मात्र एक सीट पर जीत दर्ज की थी.इन चुनावों में एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में भी आई थी.शिवसेना के लिए सबसे बड़ी ख़ास बात ये है कि ठाणे में पहली बार जिला अध्यक्ष की कुर्सी शिर्व्सेना के हाथ लगी है.

शिवसेना और एनसीपी के अलायन्स पर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा “स्थानीय नेताओं को स्वतंत्र होकर फैसला लेने की अनुमति दी गई है ताकि वे भाजपा को सत्ता से हटाने का काम जारी रख सकें.” महाराष्ट्र की राजनीति में एक चौकाने वाला मामला गोंडिया जिला परिषद के चुनाव में भी आया.यहाँ कांग्रेस ने भाजपा से गठ्बंधन करके जिला परिषद अध्यक्ष पद पर कब्ज़ा कर लिया,यहाँ पर एनसीपी ने 20 सीटें जीतीं जबकि कांग्रेस 17 और बीजेपी को 16 सीट मिलीं है.कांग्रेस द्वारा भाजपा से गठबंधन करके जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर कब्ज़ा कर लेने के फैसले के बाद एनसीपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है.

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