नई दिल्ली- जम्मू-कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर आतंकी हमले में भारतीय सेना के 5 जवान शहीद हुए है,लेकिन भारतीय सेना की शहादत ने उन लोगो को भी करारा ज़वाब दिया है जो देश में हिन्दू और मुस्लिमो के बीच नफरत को बढावा देते है,जो लोग शहीद हुए है उनके घर पर मातम है.बता सुंजवां में आर्मी कैंप पर हुए हमले में पांच जवान शहीद हो गए थे.आतंकी हमले के दौरान सुरक्षाबलों ने चारों आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया.

आतंकी हमले में 50 साल के जेसीओ मदल लाल चौधरी,हबीबुल्ला कुरैशी,सेना के जवान मोहम्मद अशरफ,मोहम्मद इकबाल और मंजूर अहमद शहीद हो गए.हिंदू मुस्लिम का फर्क करने वालो को भारतीय जवानों की शहादत को याद रखना चहिये.इन पांचों शहीद में चार मुस्लिम जवान भी है.हलाकि देश में एक छोटा सा तबका मुस्लिमो को संदेह की निगाह से देखता है,वही विहिप के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने तो मुस्लिमो को पाकिस्तान भेजने की बात कह दी.

शहीद होने वाले पांचों जवान जम्मू कश्मीर राज्य के ही है.जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के रहने वाले जेसीओ मदन लाल चौधरी के घर जैसे ही उनकी शहादत की खबर पहुंची,मातम छा गया.शहीद मदन लाल के पड़ोसी पाकिस्तान के प्रति भारत सरकार की नीति से भी नाराज़ हैं.घाटी के कुपवाड़ा जिले के जवान मोहम्मद अशरफ भी हमले में शहीद हो गए हैं.

शहीद अशरफ के घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल है.परिवार वालो का कहना है कि मोहम्मद अशरफ की शहादत पर नाज है और वो चाहते हैं कि पाकिस्तान से मसले का हल वार्ता से निकले.कुपवाड़ा जिले के बटपोरा गांव में रहलने वाले हबीबुल्ला कुरैशी ने भी शहादत पाई है.हबीबुल्ला कुरैशी अपने बूढ़े मां-बाप के इकलौते बेटे थे.वो अपने पीछे 6 बेटियों को छोड़ गए हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here