नई दिल्ली...अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जब से अपना पद संभाला है तब से ही उन्होंने ऐसे फ़ैसले लिए हैं जिसमें अमरीका को तो नुकसान हुआ है, उन देशों को भी नुकसान हुआ है जो अमरीका के करीबी थे. ईरान से रिश्ते खराब करने के बाद ट्रम्प चाहते हैं कि सभी देश ईरान से रिश्ते खराब कर लें. ऐसे में भारत सरकार ने भी संकेत दिए कि वो ईरान से तेल का आयत कम कर लेगा. इसके बाद प्रतिक्रिया तो आनी ही थी.


ईरान ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर भारत आयात कम करता है तो उसे जो विशेष लाभ मिल रहा है वो नहीं मिल सकेगा. ईरान ने साथ ही कहा कि चाबहार बंदरगाह में अपने वादे के मुताबिक निवेश नहीं करने पर हम भारत की आलोचना करते हैं. ईरान और भारत लम्बे समय से क़रीबी दोस्त रहे हैं और इस तरह की बयानबाज़ी पिछले कई सालों में कभी नहीं सुनी गयी है. ऐसे में जानकार मानते हैं कि भारत अपना एक बहुत करीबी दोस्त खोने की कगार पर है.


ईरान के उप राजदूत और चार्ज डि अफेयर्स मसूद रजवानियन रहागी ने कहा कि अगर भारत ईरान की बजाय अन्य देशों से तेल आयात करता है तो जो विशेष लाभ ईरान उसे दे रहा है वो नहीं मिल सकेगा. उन्होंने कहा कि ये दुर्भाग्य की बात है कि चाबहार बंदरगाह और दूसरी सम्मिलित योजनाओं में भारत वादे के अनुरूप निवेश नहीं कर सका है. अमेरिका ने भारत और अन्य देशों को ईरान से तेल आयात करने से मना करने को कहा. जानकार मानते हैं कि अगर ईरान भारत से दूरियाँ बढ़ा लेता है तो भारत संयुक्त राष्ट्र में एक महत्वपूर्ण साथी को खो देगा.

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