फ़िलिस्तीन के फ़तह आंदोलन के प्रवक्ता ने कहा है कि अमरीका व इस्राईल,फ़िलिस्तीनी नेताओं को एेसी शर्तें मानने पर विवश नहीं कर सकते जो फ़िलिस्तीनी जनता के अधिकारों से विरोधाभास रखती हैं.उसामा अलक़वासेमी ने कहा कि बैतुल मुक़द्दस और फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों के विषय को मध्यपूर्व की शांति वार्ता से निकालने की अमरीका व इस्राईल की कोशिशें सफल नहीं होंगी और फ़िलिस्तीनी अपनी मातृभूमि में ही रहेंगे और अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे.

उन्होंने अमरीका के दूतावास को तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने के अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के फ़ैसले के बारे में कहा कि इस योजना के बारे में कुछ अमरीकी अधिकारियों के बयान निंदनीय हैं और अरब जगत किसी भी स्थिति में बैतुल मुक़द्दस,मस्जिदुल अक़सा और फ़िलिस्तीनी जनता से विश्वासघात को स्वीकार नहीं करेगा.

ज्ञात रहे कि अमरीकी राष्ट्रपति ने 6 दिसम्बर 2017 को बैतुल मुक़द्दस को औपचारिक रूप से इजरायली शासन की राजधानी स्वीकार करते हुए घोषणा की थी अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित किया जाएगा.इस पर इस्लामी जगत समेत पूरी दुनिया में कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं और संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी ट्रम्प के इस फ़ैसले को स्वीकार नहीं किया था.हलाकि तमाम विरोधो के बाद भी अमेरिका ने बैतुल मुक़द्दस में अपना दूतावास को स्थानांतरित करने की योजना जारी रखी है.

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